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महागठबंधन की ओर बढ़े हजकां के कदम

Tue, 16 Sep 2014 02:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि हमारे और बसपा के विचारों में काफी समानता है। न सिर्फ हजकां बल्कि जनचेतना मंच और बसपा समान विचार धारा वाले राजनीतिक दल हैं।
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हजकां व जनचेतना गठबंधन पहले से ही ब्राह्मण, दलित और पिछड़ों को 20-20 प्रतिशत टिकट देने और शेष बची 40 फीसदी टिकटें समाज के अन्य वर्गों में देने का निर्णय कर चुका है। बसपा भी यही चाहती है। इससे साफ जाहिर है कि तीनों पार्टियों को न सिर्फ सोच बल्कि काम करने की रणनीति एक है।
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भ्रष्टाचारी ताकतों को दिखाएंगे बाहर का रास्ता

बिश्नोई ने कहा कि रविवार को बसपा नेता अरविंद शर्मा के सार्वजनिक बयान से जाहिर हो गया है कि हम समान विचारधारा वाले राजनीतिक दल हैं। इसीलिए तीनों दलों का महागठबंधन करके भय, भ्रष्टाचार, भेदभाव को बढ़ावा देने वाली, दलितों व पिछड़ों की उपेक्षा करने वाली ताकतों को सत्ता से बाहर करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवाओं, ईमानदार, साफ-सुथरी छवि व जमीन से जुड़े नेताओं को वरीयता दी जाएगी। गौरतलब है कि बसपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अरविंद शर्मा ने कल जींद रैली में कहा था कि हमसे कौन गठबंधन करेगा। बसपा 20 प्रतिशत सीटें दलितों, 20 प्रतिशत सीटें पिछड़ा वर्ग और 20 प्रतिशत सीटें ब्राह्मण को देना चाहती हैं।

जबकि शेष 40 फीसदी सीटें अन्य वर्गों को दी जाएंगी। बसपा के इस विचार से कौन सा राजनीतिक दल सहमत होगा। शर्मा ने कहा कि हम भी चाहते ही कि गठबंधन हो, सरकार बने पर हमारे  इस विचार से कोई राजनीतिक दल सहमत होता नहीं दिख रहा।

कार्यकर्ताओं से रूबरू हुई रेणुका बिश्नोई

रेणुका बिश्नोई बृहस्पतिवार को यहां पंचायती रामलीला मैदान के सभागार में कार्यकर्ताओं से रूबरू हुईं। अपने 29 मिनट के भाषण में रेणुका ने जहां कई बार हजकां छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए विनोद भयाना को जमकर कोसा तो अंत में अपने साथ तुलना करते हुए विकास नहीं करवा पाने को लेकर उनकी मजबूरी भी जता दी।

रेणुका ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि हांसी की जनता ने हजकां का विधायक चुनकर भेजा था, लेकिन विनोद भयाना भगौड़ा निकला। रेणुका ने कहा कि अब बदला लेने का वक्त आ गया है। भाषण के अंतिम छोर पर उन्होंने कहा कि एमएलए के पास कोई पॉवर नहीं होती। एमएलए तो विनोद भयाना भी है।

उन्होंने कहा कि हमें कुर्सी का लालच नहीं है। हमारी एमएलए की नहीं सीधी मुख्यमंत्री की लड़ाई है। मैं आपको कुछ दे नहीं पाई, लेकिन कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के सिवाय कुछ नहीं दिया।

भाजपा को भगाने का आह्वान किया

इस दौरान उन्होंने भाजपा भगाओ का नारा दिया। कार्यक्रम में अमीरचंद मक्कड़ के पूर्व पीए और कांग्रेस नेता सुभाष बेरवाल और कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण हलका प्रधान धर्म सिंह सैनी ने हजकां में शामिल होने की घोषणा की। इस दौरान जिला पार्षद निशा देवी व कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी हजकां में शामिल होने की घोषणा की।

इस अवसर पर उनके साथ पूर्व सांसद पंडित रामजीलाल, पूर्व विधायक अमीरचंद मक्कड़, डॉ. लवकेश टूटेजा, ग्रामीण हलका प्रधान महेंद्र घोडे़ला, शहरी प्रधान रविंद्र बहार, रविंद्र मक्कड़, संतोष ढुल, सुरेंद्र शमा आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक अमीरचंद मक्कड़ को भी मंच से बुलवाया गया। चूंकि मक्कड़ काफी उम्र दराज हो चुके हैं, लिहाजा उनकी जुबान कई बार लड़खड़ाई।

उन्होंने अपने भाषण में लोगों से कहा कि वे आने वाले चुनाव में कुलदीप के निशान पर मुहर लगाएं। ट्रैक्टर का निशान शायद उन्हें याद नहीं रहा। डेढ़ मिनट के भाषण में ऐसा उन्होंने दो बार कहा। बता दें कि वे तीन बार हांसी के विधायक रह चुके हैं और इस बार भी दावेदारी जता रहे हैं।

गठबंधन टूटने से पहले कर रहा हूं सीएम पद की दावेदारी

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के पुत्र और हरियाणा जनहित कांग्रेस के सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद अपने दम पर मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहे हैं।

चुनाव जीतने के लिए बिश्नोई भाजपा से गठबंधन टूटने के अगले दिन ही हरियाणा जन चेतना पार्टी के अध्यक्ष विनोद शर्मा से हाथ मिला चुके हैं, लेकिन प्रदेश में लोकसभा चुनाव भाजपा के साथ लड़ने के बाद टूटे इस समझौते का क्या असर होगा। क्या है उनकी रणनीति और मुद्दे पर कुलदीप बिश्नोई ने प्रवीण पाण्डेय से विस्तृत बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश।

गठबंधन टूटने के कई कारण रहे

- गठबंधन टूटने के प्रमुख कारण क्या रहे?
-भाजपा का स्वार्थ और घमंड गठबंधन टूटने का बड़ा कारण है। भाजपा ने लिखित में हुए समझौते का पालन नहीं किया। मैने इनके नेतृत्व को सुधारने की कोशिश की लेकिन वे लोग सुधरने के लायक नहीं हैं।

- भाजपा के साथ तालमेल लंबा क्यों नहीं चल सका?
-भाजपा की रणनीति है पहले क्षेत्रीय दलों के साथ हाथ मिलाकर खुद को मजबूत करो, फिर उनसे नाता तोड़ दो। लेकिन अब यह खेल नहीं चलेगा प्रदेश की जनता सब समझ गई है। चुनाव में जनता इस बात का जवाब हजकां के पक्ष में मतदान कर करेगी।
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हमेशा ईमानदारी की राजनीति की है

- आगामी विधानसभा चुनाव में क्या संभावनाएं हैं?
- हम स्वीप करेंगे। जनता भी यह समझे कि हम ईमानदारी की राजनीति करते हैं। दूसरे दलों की तरह लूट खसोट नहीं। मैने हमेशा ईमानदारी की राजनीति की है। इसी बात को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे। मुझे जनता पर भरोसा है कि वह मेरी बात समझेगी।

- बसपा और हरियाणा लोकहित पार्टी से तालमेल की चर्चा गर्म है?
-अभी हमने सिर्फ गठबंधन तोड़कर भाजपा के धोखे का जवाब दिया है। आगे की रणनीति हरियाणा जनचेतना पार्टी के साथ बैठ कर तय करेंगे।

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