हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने वाड्रा डीएलएफ लैंड डील पर लंबे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। यहां मीडिया के सवालों के जवाब में खेमका ने कहा कि सरकार ने मेरी दोनों रिपोर्ट डंप कर दी हैं, लिहाजा मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता हूं।
खेमका ने जिन दो रिपोर्ट का जिक्र किया है। उनमें से एक रिपोर्ट वह है जो आईएएस कृष्ण मोहन की अध्यक्षता में बनी कमेटी द्वारा चार्जशीट किए जाने के बाद उन्होंने सरकार को सौंपी थी। 21 मई 2013 को उन्होंने अपनी टिप्प्णी दी थी, जिसमें वाड्रा डीएलएफ लैंड डील में लाइसेंस प्रक्रिया पर सवाल उठाया था।
इसके अलावा खेमका ने 12 फरवरी 2015 को एक और रिपोर्ट सौंपी थी। जिसमें इस पूरे घोटाले में कार्रवाई के लिए लिखा था, जिसके बाद सरकार ने खेमका की चार्जशीट ड्रॉप कर दी थी। उसके बाद वर्तमान सरकार में खेमका को भी कोने में बिठा दिया गया। अब हाल ही में सरकार ने खेमका को राई स्पोर्ट्स स्कूल की धांधली में जांच करने के लिए कहा है। इस जांच को लेकर उन्होंने सरकार से समन करने और रिकार्ड तलब करने की पावर मांगी है।
‘सरकारी ऑर्डर पर होगी जांच’
आज मीडिया से बातचीत में खेमका ने साफ किया है कि राई स्पोर्ट्स स्कूल मामले में उनके पास स्पष्ट आर्डर नहीं आए हैं। जो शक्तियां उन्होंने मांगी थी, वह नहीं मिली हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया की अटकलों पर जांच नहीं होगी। जब सरकारी आर्डर आएगा, जांच तभी की जाएगी।