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वाड्रा लैंड डील पर खेमका ने तोड़ी चुप्पी, बोले- सरकार ने डंप की मेरी दो रिपोर्ट

Wed, 10 May 2017 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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आईएएस अशोक खेमका - फोटो : file photo
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हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने वाड्रा डीएलएफ लैंड डील पर लंबे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। यहां मीडिया के सवालों के जवाब में खेमका ने कहा कि सरकार ने मेरी दोनों रिपोर्ट डंप कर दी हैं, लिहाजा मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता हूं।
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खेमका ने जिन दो रिपोर्ट का जिक्र किया है। उनमें से एक रिपोर्ट वह है जो आईएएस कृष्ण मोहन की अध्यक्षता में बनी कमेटी द्वारा चार्जशीट किए जाने के बाद उन्होंने सरकार को सौंपी थी। 21 मई 2013 को उन्होंने अपनी टिप्प्णी दी थी,  जिसमें वाड्रा डीएलएफ लैंड डील में लाइसेंस प्रक्रिया पर सवाल उठाया था।

इसके अलावा खेमका ने 12 फरवरी 2015 को एक  और रिपोर्ट सौंपी थी। जिसमें इस पूरे घोटाले में कार्रवाई के लिए लिखा था, जिसके बाद सरकार ने खेमका की चार्जशीट ड्रॉप कर दी थी। उसके बाद वर्तमान सरकार में खेमका को भी कोने में बिठा दिया गया। अब हाल ही में सरकार ने खेमका को राई स्पोर्ट्स स्कूल की धांधली में जांच करने के लिए कहा है। इस जांच को लेकर उन्होंने सरकार से समन करने और रिकार्ड तलब करने की पावर मांगी है।
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‘सरकारी ऑर्डर पर होगी जांच’
आज मीडिया से बातचीत में खेमका ने साफ किया है कि राई स्पोर्ट्स स्कूल मामले में उनके पास स्पष्ट आर्डर नहीं आए हैं। जो शक्तियां उन्होंने मांगी थी, वह नहीं मिली हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया की अटकलों पर जांच नहीं होगी। जब सरकारी आर्डर आएगा, जांच तभी की जाएगी।
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'सम्मन जारी करने और रिकार्ड खंगालने की शक्तियां दो'

अशोक खेमका - फोटो : File Photo
बता दें कि कुछ दिन पहले हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका ने राई स्पोर्ट्स स्कूल मामले की जांच के लिए सरकार से शक्तियां मांगी थीं। खेमका ने कहा कि सिर्फ एक कागज के आधार पर जांच नहीं हो सकती। उन्हें सम्मन करने और रिकार्ड तलब करने की शक्तियां दी जाएं। खेमका को यह पत्र दो मंत्रियाें के बीच का मामला होने के कारण लिखना पड़ा।

प्रदेश सरकार ने सोनीपत के राई स्थित मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल में खेल व अन्य सामान की खरीद में धांधली और स्टाफ के प्रताड़ना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। यह जांच आईएएस अशोक खेमका को सौंपी गई है। जांच के पीछे सरकार का पावरफुल मंत्री पर निशाना साधना है।

स्पोर्ट्स स्कूल में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों, खेल के सामान और अन्य खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और अनियमितता के आरोप लगे थे। वित्त विभाग की स्पेशल ऑडिट में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए थे। जांच में यह भी पता चला कि कई खरीद नियमों को दरकिनार कर मनमाने ढंग से की गई है। इसमें वित्त विभाग की रिपोर्ट पर सरकार ने तत्काल प्रभाव से लेखा अधिकारी को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा राई स्कूल में कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं हैं। सूत्रों का कहना है कि जांच में राई स्कूल में बड़ा खुलासा हो सकता है। इसे देखते हुए ही जांच अशोक खेमका को साैंपी गई है।
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