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हरियाणा में गहराया CID विवाद, गृह मंत्री को फोन टैपिंग की आशंका, मैसेंजर से कर रहे बात

Wed, 15 Jan 2020 09:25 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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गृहमंत्री अनिल विज, सीएम मनोहर लाल। - फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बड़ा खुलासा कर दिया है। उन्हें शंका है कि उनका फोन टैप करवाया जा रहा है। इसकी वजह से वे पिछले चार-पांच दिनों से मैसेंजर के माध्यम से बातचीत कर रहे हैं। यही नहीं उन्होंने फोन सुनना भी कम कर दिया है। गृह मंत्री अनिल विज के इस खुलासे के बाद से सरकार में सनसनी फैली है। खुफिया विभाग ऊपर से नीचे तक हिल गया है।

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यह कोई नई बात नहीं है सरकार के पिछले कार्यकाल में अनिल विज ने अपने कार्यालय से अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के एक व्यक्ति को चिह्नित किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी सीआईडी करवाई जा रही है। जिसकी जांच पुलिस ने तत्कालीन आईजी संदीप खिरवार को सौंपी थी लेकिन बाद में मामला निपट गया था।

अब यह नया आरोप लगा कर अनिल विज ने नया शिगूफा छोड़ दिया है। पिछले दिनों उन्होंने सीआईडी से यह रिपोर्ट मांगी थी कि जिनके फोन टैप किए जा रहे हैं, उनके बारे में बताया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया था कि बिना गृह विभाग की मंजूरी के किसी की फोन टैपिंग न करवाई जाए। इसके लिए अनिल विज ने टेलीकॉम कंपनियों को पत्र भी लिख दिया था। पत्र में उन्होंने कहा था कि टेलीकॉम कंपनियां किसी भी व्यक्ति की फोन टैपिंग बिना गृह विभाग की मंजूरी के नहीं करेंगी।

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विज द्वारा जवाब पूछे जाने पर सीआईडी की ओर से यह जवाब दिया गया कि किसी की फोन टैपिंग नहीं की जा रही है, लेकिन अनिल विज ने आज अपने ही फोन टैपिंग की बात कह कर न सिर्फ सरकार के लिए संकट खड़ा कर दिया है, बल्कि विपक्ष को भी एक मुद्दा दे दिया है। इसी सप्ताह विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में विपक्ष इस मुददे को उठाए बिना नहीं रहेगा।

सीआईडी का जवाब
सूत्रों के मुताबिक सीआईडी ने जो जवाब गृह मंत्री को दिया है उसमें कहा है कि हम किसी की अवैध टैपिंग नहीं कर रहे हैं। कुछ वर्ष पहले हमारे पास इजराइली मशीने थी लेकिन वे भी सील की जा चुकी हैं। ऐसे में फोन टैपिंग का सवाल ही नहीं उठता लेकिन इससे इतर इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि सरकार के कहने पर सीआईडी पूर्व में भी गोपनीय रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देती रही है।

सारा बखेड़ा सीआईडी की लड़ाई में
जानकारों की माने तो यह सारा विवाद सीआईडी को लेकर हुआ है। जब से सीआईडी गृह मंत्री से अलग करने की बात की गई है। तभी से सीएम मनोहर लाल और गृह मंत्री अनिल विज में रस्साकशी चल रही है। मामला गुड़गांव में हुई मुलाकात में निपट भी गया था कि इस बीच किसी ने विधानसभा की वेबसाइट से स्क्रीनशाट वायरल कर दिया कि सीआईडी मुख्यमंत्री के पास है और नया विवाद शुरू हो गया।
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