विज द्वारा जवाब पूछे जाने पर सीआईडी की ओर से यह जवाब दिया गया कि किसी की फोन टैपिंग नहीं की जा रही है, लेकिन अनिल विज ने आज अपने ही फोन टैपिंग की बात कह कर न सिर्फ सरकार के लिए संकट खड़ा कर दिया है, बल्कि विपक्ष को भी एक मुद्दा दे दिया है। इसी सप्ताह विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में विपक्ष इस मुददे को उठाए बिना नहीं रहेगा।
सीआईडी का जवाब
सूत्रों के मुताबिक सीआईडी ने जो जवाब गृह मंत्री को दिया है उसमें कहा है कि हम किसी की अवैध टैपिंग नहीं कर रहे हैं। कुछ वर्ष पहले हमारे पास इजराइली मशीने थी लेकिन वे भी सील की जा चुकी हैं। ऐसे में फोन टैपिंग का सवाल ही नहीं उठता लेकिन इससे इतर इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि सरकार के कहने पर सीआईडी पूर्व में भी गोपनीय रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देती रही है।
सारा बखेड़ा सीआईडी की लड़ाई में
जानकारों की माने तो यह सारा विवाद सीआईडी को लेकर हुआ है। जब से सीआईडी गृह मंत्री से अलग करने की बात की गई है। तभी से सीएम मनोहर लाल और गृह मंत्री अनिल विज में रस्साकशी चल रही है। मामला गुड़गांव में हुई मुलाकात में निपट भी गया था कि इस बीच किसी ने विधानसभा की वेबसाइट से स्क्रीनशाट वायरल कर दिया कि सीआईडी मुख्यमंत्री के पास है और नया विवाद शुरू हो गया।