हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कान्ट्रैक्ट कर्मचारियों के वेतन का मामला तूल पकड़ गया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को इस मामले में दस जिलो के सीएमओ को चार्जशीट करने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही उन ठेका कंपनियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। विज के आदेश जारी करने के बाद से स्वास्थ्य विभाग में खलबली है। सीएमओ और ठेका कंपनियां अपनी अलग-अलग सफाई दे रहे हैं। सीएमओ को चार्जशीट करने के आदेश रूल 7 के तहत दिए गए हैं, जिसमें अंबाला, पंचकूला, जींद, कैथल, यमुनानगर, पानीपत और रोहतक सहित अन्य जिलों के सीएमओ शामिल हैं।
विज के घर पहुंच रहे थे कान्ट्रैक्ट कर्मचारी
पिछले कई दिनों से कान्ट्रैक्ट कर्मचारी सैलरी न मिलने की बात को लेकर विज के घर पर पहुंच रहे थे। इस मामले में विज ने ही इन कर्मचारियों को सैलरी दिलवाने का बीड़ा उठाया था। जिसको लेकर संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए गए थे कि अतिशीघ्र वेतन दिलवाया जाए। उसके बावजूद कर्मचारी विज के घर पर पहुंच कर वेतन की गुहार लगा रहे थे।
दो रिपोर्ट में डाटा न मिलने के बाद हुए आदेश
मुख्यालय स्तर पर छह कमेटियां बनाई गईं हैं। इन कमेटियों ने फील्ड में जाकर कर्मचारियों से हस्ताक्षर करवाए कि उन्हें वेतन मिला या नहीं। जिसमें कई कर्मचारियों ने वेतन न मिलने की बात कही है। जबकि इससे पूर्व सीएमओ से रिपोर्ट ली गई थी जिसमें उन्होंने वेतन जारी करने की बात कही थी। दोनों रिपोर्ट का डाटा मिलान न होने के बाद विज ने यह आदेश दिए हैं। अब इसमें तस्वीर तब साफ होगी जब सीएमओ से जवाब पूछा जाएगा। जहां कंपनी ने पेमेंट जारी कर दी है और सीएमओ ने जारी नहीं की वहां सीएमओ जिम्मेदार होंगे। जबकि जिन स्थानों पर कंपनी ने पेमेंट जारी नहीं की वहां कंपनी पर कार्रवाई होगी।
मैंने कंपनी ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है। जबकि रूल सात के तहत सीएमओ पर कार्रवाई की है। इसमें यह भी देखा जाएगा कि सरकारी पैसा खाते में क्यों रोका जा रहा है। यदि फंड का दुरुपयोग हो रहा है तो वह भी देखेंगे। वर्दी नहीं दे रहे तो उसकी भी जांच होगी। साथ ही लेबर कानूनों का पालन हो रहा है या नहीं इसकी भी निगरानी होगी। - अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा