फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: बाढ़ में नहीं खोले थे ITO बैराज के गेट, चीफ इंजीनियर सस्पेंड, SE-XEN होंगे चार्जशीट

Wed, 09 Aug 2023 04:06 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बाढ़ के दौरान चार गेट नहीं खोले जाने का मुद्दा उठाया था और आरोप लगाया था कि हरियाणा की लापरवाही के कारण यमुना के चार गेट बंद रहे जिससे दिल्ली में बाढ़ आई।
विज्ञापन
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यमुना में आई बाढ़ के बाद दिल्ली स्थित आईटीओ बैराज के चार गेट नहीं खुलने के मामले में लापरवाही सामने आने पर हरियाणा सरकार ने यमुना जल सेवा मंडल के चीफ इंजीनियर समेत 4 अधिकारियों पर कार्रवाई की है। राज्य सरकार ने चीफ इंजीनियर सुनील तनेजा को निलंबित कर पंचकूला मुख्यालय के साथ अटैच कर दिया है।

विज्ञापन


वहीं, अधीक्षक अभियंता (एसई) तरुण अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) मनोज कुमार व एसडीओ मुकेश वर्मा को चार्जशीट किया है। दिल्ली में बाढ़ का पानी घुसने के बाद वहां की आम आदमी पार्टी सरकार ने हरियाणा पर आईटीओ बैराज के गेट के रखरखाव पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद हरियाणा सरकार ने सिंचाई विभाग के इंजीनियर इन चीफ राकेश चौहान की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई। इसमें मुख्य अभियंता डॉ सतबीर कादियान और सुरेश कुमार यादव को शामिल किया। कमेटी ने जांच में पाया कि इन अधिकारियों ने भारी लापरवाही की थी।

अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर लगाए थे आरोप

आठ व नौ जुलाई को भारी बारिश की वजह से यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से तीन लाख 72 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। इससे पानी बहुत भारी मात्रा में आया और दिल्ली में आईटीओ के पास बैराज के 32 में चार गेट समय पर नहीं खुलने की वजह से पानी आगे नहीं जा सका। इससे दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव हो गया। उस दौरान दिल्ली के सीएम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों ने आरोप लगाया कि इन गेटों के संचालन का जिम्मा हरियाणा सरकार के पास है। सरकार इन गेटों का ठीक ढंग से रखरखाव नहीं करती है। इस वजह से चार गेट नहीं खुल पा रहे हैं। यदि चारों गेट समय पर खुल जाते तो दिल्ली से पानी तेजी से बाहर निकल जाता। दिल्ली में बाढ़ की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की है।

विज्ञापन

जांच कमेटी ने पाई अधिकारियों की लापरवाही

  • मानसून से पहले इन अधिकारियों ने एक भी बैठक नहीं की है। नियम के मुताबिक बैठक होनी चाहिए और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी चाहिए।
  • साल 2020 से यमुना के जलस्तर का रिकॉर्ड नहीं रखा गया।
  • साल 2020 से बैराज के गेट के संचालन का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया।
  • पिछले वर्ष दिल्ली सरकार के पत्र लिखने के बावजूद गेटों का बिजली कनेक्शन चालू नहीं करवाया।

दिल्ली सरकार की भी लापरवाही सामने आई

जांच कमेटी ने दिल्ली सरकार की भी लापरवाही पाई है। यमुना के रास्तों पर दशकों से बड़े स्तर से अतिक्रमण है। इसकी वजह से दिल्ली में बाढ़ का पानी घुसा। गेटों के सामने बड़ी मात्रा में गाद जमा है, जिसे कई सालों से साफ नहीं करवाया गया। कमेटी ने मानसून से पहले सीईवाईडब्ल्यूएस को सिंचाई व बाढ़ से जुड़े दिल्ली, यूपी व संबंधित विभागों से समन्वय बनाते हुए एक तंत्र विकसित करने की सिफारिश की है।

11 लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के आरोप निराधार

जांच समिति ने दिल्ली सरकार के उन आरोपों को भी सच्चाई से परे बताया, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली में 11 लाख क्यूसिक पानी पहुंचा है। उस दौरान तीन लाख 72 हजार क्यूसिक पानी आईटीओ व ओखला बैराज से पास हुआ है। जांच समिति ने यह भी कहा है कि यूवाईआरबी को वजीराबाद, यमुना बैराज आईटीओ और ओखला बैराज पर सभी गेजों को पुन: कैलिब्रेट करने के लिए कहा जाना चाहिए ताकि भविष्य में सही गेजों की रिपोर्ट की जा सके।

अधिकारियों पर कार्रवाई कर खुद को बचा रही हरियाणा सरकार: ढांडा

आप के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने कहा कि अधिकारियों पर कार्रवाई करके हरियाणा सरकार खुद को बचा रही है। दिल्ली में बाढ़ के लिए सिर्फ हरियाणा सरकार जिम्मेदार है। सरकार पूरे देश को बताए कि आईटीओ बैराज के गेट बंद रखने व हथिनी कुंड बैराज वाली साजिश में केवल अधिकारी ही नहीं बल्कि सरकार के मुख्य नेता भी शामिल थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें