पंजीकृत श्रमिकों को दस रुपये में भोजन की सस्ती थाली मुहैया कराने की योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है। हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार को उपयुक्त स्थल न मिलने से योजना कागजों में ही अटक गई है। छह जिलों में श्रमिकों को सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात में डिनर देने के लिए सब्सिडी वाली कैंटीन खोली जानी हैं, लेकिन उद्यमियों के आगे न आने से सरकार फिलहाल वहीं की वहीं खड़ी है।
सूत्रों के अनुसार, योजना का खाका खींचते समय श्रम एवं रोजगार विभाग का प्लान था कि ज्यादा पंजीकृत श्रमिकों वाले क्षेत्र में उद्यमियों से उद्योग के भीतर या बाहर कैंटीन खोलने के लिए जगह ले ली जाएगी। इससे सरकार को ढांचा खड़ा करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, मगर उद्यमियों के हाथ पीछे खींचने से अब सरकार के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी इससे वाकिफ भी हैं।
उन्होंने योजना को सिरे चढ़ाने के लिए अब कमान खुद अपने हाथ में ले ली है। वे जल्द ही विभाग के उच्च अधिकारियों की बैठक बुलाने जा रहे हैं। इसमें कैंटीन खोलने के लिए उपयुक्त स्थल ढूंढने की दिशा में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, हिसार, यमुनानगर और सोनीपत जिलों में दस रुपये में पंजीकृत श्रमिकों को भोजन दिया जाना है।