पहले एमबीबीएस को तो अब प्रदेश के डेंटल डॉक्टर्स को हरियाणा की बीजेपी सरकार ने बड़ी सौगात दे दी है, जो रिटायरमेंट से जुड़ी है। दरअसल, हरियाणा सरकार ने प्रदेश के डेंटल डॉक्टरों की सेवा की आयु सीमा बढ़ा दी है। सरकार ने चार साल का एक्सटेंशन देते हुए यह उम्र 58 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी है।
एमबीबीएस डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र सरकार पहले ही बढ़ा चुकी है। एमबीबीएस डाक्टरों की उम्र 58 से बढ़ाकर 65 की जा चुकी है, लेकिन डेंटल सर्जनों को 65 साल की उम्र तक यह लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें सरकार ने चार साल का ही सेवा विस्तार दिया है। पिछले कई दिनों से यह मामला लंबित चल रहा था।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस मामले से संबंधित फाइल सीएम को भेजी थी। मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद ही सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकार के इस निर्णय से करीब 600 डॉक्टरों को लाभ मिलेगा। सेवा विस्तार के साथ ही इन डॉक्टरों का पदनाम भी बदला गया है। अब इन्हें मेडिकल आफिसर डेंटल के नाम से जाना जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस संदर्भ में डेंटल सर्जनों से वादा किया था। प्रदेश में एमबीबीएस डॉक्टरों की आयु सीमा बढ़ने के बाद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने डेंटल सर्जनों से वायदा किया था कि अगर उनका हक बनता है तो उन्हें भी इसका फायदा मिलेगा, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
हरियाणा सरकार ने डेंटल सर्जनों के पदनाम बदलने के साथ उनकी रिटायरमेंट बढ़ा दी है। सभी कानूनी पहलुओं पर गौर करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
- अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा