इस संबंध में रविवार को प्रदेश के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अधिसूचना जारी कर दी है। अब विलय किए गए विभागों को नए नामों से ही जाना जाएगा। गौरतलब है कि 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में एक प्रकृति के विभागों के विलय को मंजूरी दे दी गई थी। सरकार का कहना है कि विभिन्न विभागों के कामकाज में बेहतर तालमेल और कार्यप्रणाली सुधारने के लिए विभागों के विलय एवं पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है। निदेशालय, सार्वजनिक उपक्रम और प्राधिकरण पहले की तरह काम करते रहेंगे। मर्ज हुए विभागों का मंत्री और प्रशासनिक सचिव एक ही होगा। वरिष्ठता के कानूनी मुद्दों से बचने के लिए वर्तमान में किसी भी कर्मचारी काडर का विलय नहीं किया जाएगा।
मर्जर से पहले विभाग का नाम अब
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा व बिजली ऊर्जा
एससी-बीसी कल्याण व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सामाजिक न्याय अधिकारिता, अंत्योदय व एससी-बीसी कल्याण
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा व विज्ञान एवं प्रौद्यिोगिकी उच्चतर शिक्षा
पर्यटन, पुरातत्व, संग्राहलय व अभिलेखागार धरोहर और पर्यटन
सूचना, जनसंपर्क व भाषा, कला एवं संस्कृति नया नाम तय नहीं
कौशल विकास व औद्योगिक प्रशिक्षण, रोजगार, युवा मामले युवा सशक्तिकरण, उद्यमिता
निगरानी व समन्वय, प्रशासनिक सुधार सामान्य प्रशासन विभाग
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन व चकबंदी राजस्व एवं आपदा प्रबंधन
कंवरपाल को मिलेंगे कई विभाग, विज के जाएंगे दो विभाग
विभागों के विलय के बाद शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर को नए विभाग मिलेंगे। इनमें तकनीकी शिक्षा और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग शामिल हैं। ये दोनों ही विभाग फिलहाल गृह मंत्री अनिल विज के पास हैं। विज के पास से दोनों विभाग जाने के बाद केवल गृह और स्वास्थ्य विभाग रह जाएंगे। ऐसे में सरकार वरिष्ठता को देखते हुए विज को नए विभाग दे सकती है। इसी प्रकार, कंवर पाल के पास पहले से पर्यटन विभाग है, लेकिन पुरातत्व एवं स्रंगहालय विभाग पर्यटन में विलय कर दिया है तो यह भी शिक्षा मंत्री के पास ही आएगा। यह विभाग देवेंद्र बबली के पास है।
नए आवंटन में संदीप सिंह के पास रह जाएगा केवल एक विभाग
विवादों में घिरने के बाद संदीप सिंह के युवा मामले विभाग का कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग और रोजगार विभाग के साथ विलय किया गया है। विभाग का नाम युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमशीलता विभाग किया है। कौशल विभाग पहले से परिवहन मंत्री मूलचंद के पास है तो यह विभाग उनको मिलेगा। इसके बाद संदीप सिंह के पास केवल मुद्रण एवं लेखन विभाग रहेगा, क्योंकि खेल विभाग वह पहले ही सीएम को सौंप चुके हैं। इसी प्रकार, कला एवं संस्कृति विभाग का विलय सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के साथ किया है। कला विभाग कंवरपाल गुर्जर के पास था, अब यह विभाग मुख्यमंत्री के पास चला जाएगा।
डिप्टी सीएम के विभाग भी बदलने की संभावना
इनके अलावा, डिप्टी सीएम समेत अन्य मंत्रियों के विभागों में बदलाव होने की संभावना है। अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का विलय करने के बाद नाम बदलकर सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं अंत्योदय विभाग किया गया है। इस समय अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा कल्याण विभाग डा. बनवारी लाल और सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग ओमप्रकाश यादव के पास है।