नए साल के आगाज पर हरियाणा आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन ने रविवार को हरियाणा निवास में मिलेट्स का ब्रेकफास्ट आयोजित किया। इस मौके पर खास तौर पर प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी मौजूद रहे। बता दें कि इससे पहले कृषि मंत्री कृषि अधिकारियों और विधानसभा में विधायकों को भी मिलेट्स (मोटा अनाज) का भोजन करा चुके हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद अब हरियाणा भी मोटे अनाज के भोजन को बढ़ावा दे रहा है। भारत सरकार के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय पोषक-अनाज वर्ष के रूप में घोषित किया है।
मोटे अनाज को बढ़ावा देगी हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार मोटे अनाज (मिलेट्स) को बढ़ावा देगी। इसके लिए किसानों को प्रोत्साहन के साथ-साथ फसल उगाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मिलेट्स मैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर डॉ. खादर अली के साथ मिलकर प्रदेश सरकार कार्यशाला और शिविर लगाए लगाएगी। इसके अलावा, सरकारी पर्यटन केंद्रों के मेन्यू में भी मोटे अनाज को शामिल करने की तैयारी है। जल्द ही इस पर सरकार नीति बनाने जा रही है।
हरियाणा में मुख्य रूप से बाजरा फसल को ही मोटे अनाज के रूप में उगाया जाता है। बाजरा/ज्वार पोषक अनाज से अपार संभावनाएं हैं। यह गेहूं और चावल की तुलना में कम कार्बन अपशिष्ट के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद करता है। वहीं हरियाणा के कृषि विभाग में 2023 के लिए विशेष रूप से कार्यशालाओं गोष्ठी, मेले व प्रशिक्षण शिविरों के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी। ताकि इन फसलों को पीडीएस, मिड-डे मील व अन्य राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आम लोगों की खाद्य आदतों में शामिल किया जा सके।