फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा सरकार ने लिया यू-टर्न, राइस शैलर्स के स्टॉक की अब नहीं होगी जांच

Mon, 08 Oct 2018 01:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

हरियाणा में राइस शैलर्स के धान खरीद व चावल के स्टॉक की फिलहाल जांच नहीं होगी। सरकार ने पांच सितंबर को जारी स्टॉक जांचने के अपने आदेश रविवार को वापस ले लिए। खाद्य-आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कांबोज के निर्देश पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक संजीव वर्मा ने आदेश वापस लेने का पत्र जारी किया है।

विज्ञापन


 रविवार को राइस शैलर्स पूरे प्रदेश में धान खरीद बंद कर हड़ताल पर चले गए थे। शैलर्स इस बात का विरोध कर रहे थे कि खरीद सीजन के दौरान धान व राइस के स्टॉक की जांच उनके भंडारों में आकर विभाग न करे। चूंकि, धान खरीद में किसानों के साथ धक्केशाही और जे-फार्म काटने में धांधली करने पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पांच सितंबर को जांच के आदेश जारी दिए थे। 

खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी ने शनिवार के बाद रविवार को भी जांच का सिलसिला शुरू किया। सबसे पहले जांच उन राइस शैलर्स की हुई जिन्होंने एक दिन में तीन हजार कट्टे धान की खरीद रिकार्ड में दिखाई थी। विभाग के अधिकारियों ने जांच के दौरान यह भी जाना कि एक दिन में इतनी खरीद कहां से और किन किसानों से की गई। विभाग का मकसद यह जानना था कि कहीं जे-फार्म जाली तो नहीं काटे गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

rice shellers
 चूंकि, राइस शैलर्स अन्य राज्यों का धान भी औने-पौने दामों पर मुनाफा कमाने के लिए खरीद लेते हैं। जिससे हरियाणा के किसानों का पूरा धान मंडियों में नहीं बिक पाता। रविवार को जैसे ही कन्हैया राइस मिल कुरुक्षेत्र में विभाग की टीम ने जांच शुरू की। राइस शैलर्स एसोसिएशन ने इसका विरोध शुरू कर दिया। शैलर्स मिल पर एकत्रित हो गए और धान की खरीद बंद कर दी।

 इसके बाद मामला सुलझाने के लिए खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कांबोज ने एसोसिएशन पदाधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया। इसमें शैलर्स ने कहा कि धान उनके पास आ रहा है, 31 मार्च 2019 तक कोटे का सारा चावल सरकार को मुहैया करा दिया जाएगा। सरकार जांच शुरू कराकर खरीद में बाधा न डाला। इस पर कांबोज ने हरियाणा के किसानों के धान का एक-एक दाना प्राथमिकता के आधार पर खरीदने के निर्देश देते हुए पांच सितंबर के आदेशों को वापस ले लिया। 

उधर, भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि अगर धान खरीद में शैलर्स और आढ़तियों ने धांधली की तो किसान पूरे प्रदेश में आंदोलन करेंगे। यह सरकार का दूसरा यू-टर्न है, चूंकि, इससे पहले गेहूं खरीद की पेमेंट सीधा किसानों के खाते में करने के आदेश भी सरकार वापस ले लिए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें