मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की गुरुग्राम में हुई बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। ग्रुप डी के कर्मचारी क्लर्क बनेंगे। प्रमोशन कोटा 10 फीसदी बढ़ेगा। 27 को विशेष सत्र में बिल आएगा।
हरियाणा मंत्रिपरिषद ने 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। एक दिवसीय सत्र में ग्रुप डी को कर्मचारियों को क्लर्क के पद पर पदोन्नत करने के लिए हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज (रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस) बिल 2026 पेश किया जाएगा।
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इसके तहत ग्रुप डी के जिन कर्मचारियों ने नौकरी में पांच साल पूरे कर दिए, उन्हें पदोन्नति का पात्र माना जाएगा। सत्र के दौरान महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण संबंधी बिल पर भी चर्चा की जाएगी।
गुरुग्राम में आयोजित बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में बताया कि कॉमन कैडर के ग्रुप-डी कर्मचारियों को क्लर्क पद पर पदोन्नति देने के लिए आवश्यक नियम बनाने पर सहमति बन गई है।
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सत्र में पेश होने वाले प्रस्तावित बिल में क्लर्क पद पर ग्रुप-डी से प्रमोशन का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही 5 प्रतिशत एक्स-ग्रेशिया पद रखने की अनिवार्यता भी शामिल की गई है। सरकार के इस फैसले से हजारों ग्रुप-डी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
विपक्ष ने नारी शक्ति की उड़ान को रोका
एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ने देखा कि लोकसभा में कैसे विपक्षी दलों ने नारी शक्ति की उड़ान को रोका, उनके सपनों को बेरहमी से कुचला। संसद में जो कुछ हुआ, उसने कांग्रेस और उनके सहयोगियों का असली चेहरा देश के सामने उजागर कर दिया है। इन दलों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब बात महिलाओं को अधिकार देने की आती है तो उनका असली चरित्र महिला-विरोधी और सत्ता का लोभी हो जाता है।
छह साल में तीन विशेष सत्र बुलाए
20 जनवरी 2020
संविधान संशोधन (126वें) बिल को पास किया गया था। इस बिल के जरिये लोकसभा और राज्य विधानसभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को अगले 10 वर्षों (25 जनवरी 2030 तक) के लिए बढ़ा दिया गया।
पांच अप्रैल 2022
चंडीगढ़ पर हरियाणा के हक के लिए संकल्प प्रस्ताव पारित हुआ। हरियाणा ने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़ पर उसका अधिकार है और रहेगा। पंजाब के उस प्रस्ताव की निंदा की जिसमें चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने की मांग की गई थी।
13 मार्च 2024
मनोहर लाल के सीएम पद से हटने के बाद विशेष सत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास मत हासिल किया था। विश्वास मत के दौरान जजपा के विधायक बाहर चले गए थे।
यह सिर्फ वोट बैंक की राजनीति : हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सत्र में सरकार को बेनकाब करेंगे। हर मुद्दे का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। अगर भाजपा निंदा करेगी तो कांग्रेस भी भाजपा की निंदा करेगी। महिला आरक्षण बिल पर केंद्र सरकार की नीयत साफ नहीं है। यह सिर्फ बोट बैंक की राजनीति है।