उन्हें बताया कि उनके पे ग्रेड के स्तर के कर्मचारियों से क्या काम लिया जा रहा है। उनसे जो काम लिया जा रहा है, उसी काम को करने वाले अन्य कर्मचारियों को क्या वेतन दिया जा रहा है। क्लर्कों ने अपनी मांग के पक्ष में तथ्य रखते हुए उनकी पे ग्रेड 35400 करने की मांग दोहराई। वहीं बैठक में सरकार की ओर से सकारात्मक रुख की जानकारी देते हुए कहा गया कि सरकार इस बारे में गंभीरता से विचार कर रही है।
आंदोलन को तेज करेंगे क्लर्क: विक्रांत
क्लर्क एसोसिएशन के प्रधान विक्रांत ने कहा कि बैठक में अपनी मांग के बारे में जानकारी दी। दो दौर की बैठक में सहमति नहीं बनी। सरकार ने कहा है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है लेकिन जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। क्लर्क आंदोलन को अब तेज करेंगे। सभी जिलों में पांच-पांच क्लर्क भूख हड़ताल पर बैठेंगे। सरकार ने बुधवार को फिर से बुलाया है। एसोसिएशन को 35400 से कम कुछ स्वीकार नहीं। जींद में बैठक कर आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में शर्मिला हुड्डा, नेत्रपाल, प्रवीण गोयल, कुलदीप कुमार, विकास व हरिओम भी शामिल थे।
हर रोज 200 करोड़ का नुकसान
हरियाणा में क्लर्कों की हड़ताल से हर रोज करीब 200 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। पिछले 15 दिनों से चल रही इस हड़ताल की वजह से अभी तक करीब तीन हजार करोड़ रुपये के राजस्व के नुकसान की आशंका है। क्लर्क मुख्यमंत्री मनोहर लाल से वार्ता करना चाहते हैं। वर्तमान में क्लर्क का बेसिक वेतन 19 हजार 900 रुपये है और वे इसे बढ़ाकर 35 हजार 400 रुपए करने की मांग कर रहे हैं।
अगर क्लर्कों की बेसिक-पे बढ़ती है तो उसी हिसाब से सहायकों, उपाधीक्षकों और अधीक्षकों की बेसिक-पे तय की जाएगी। यही कारण है कि इन तीनों कैटेगरी के कर्मचारी भी क्लर्कों के साथ हड़ताल में शामिल हैं।