संशोधनों के अनुसार पेट्रोल पर कर की दर 25 प्रतिशत (सरचार्ज समेत प्रभावी दर 26.25) और डीजल पर कर की दर 16.40 प्रतिशत (सरचार्ज समेत प्रभावी दर 17.22) होगी। 4 अक्तूबर, 2018 से पहले यही थी। कीमतें बढ़ने पर केंद्र के निर्देशानुसार वैट कम कर दिया गया था।
संशोधनों के अनुसार, जब डीजल के मामले में खुदरा बिक्री मूल्य 65.75 रुपये से अधिक होगा तो 17.22 प्रतिशत की यथामूल्य दर जबकि पेट्रोल के मामले में जब खुदरा बिक्री मूल्य 76.76 रुपये से अधिक होगा तो 26.25 प्रतिशत की यथामूल्य दर लागू होगी। इस वृद्धि से, राज्य प्रतिमाह लगभग 61 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर जुटाने में सक्षम होगा, जिसमें डीजल से प्रतिमाह 49 करोड़ रुपये तथा पेट्रोल से प्रतिमाह 12 करोड़ रुपये शामिल हैं।
एमएसएमई के कर्ज का पूरा ब्याज छह महीने के लिए माफ
हरियाणा सरकार ने एमएसएमई के कर्ज पर पूरा ब्याज छह महीने के लिए माफ कर दिया है। सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में आर्थिक संकट के समय हरियाणा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम औद्योगिक इकाइयों (एमएसएमई) को राहत देने के लिए ‘हरियाणा एमएसएमई बहाली ब्याज लाभ योजना’ तैयार की गई है ताकि वे स्थायी, अनुबंध पर लगे कर्मचारियों और श्रमिकों को वेतन का भुगतान कर सकें।
योजना के तहत 15 मार्च, 2020 तक या उससे पहले हरियाणा में कार्यरत सभी एमएसएमई इकाइयां प्रति कर्मचारी अधिकतम 20,000 रुपये तक कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चों के भुगतान को लिए गए ऋणों पर छह महीनों की अवधि के लिए शत-प्रतिशत ब्याज लाभ की पात्र होंगी। एक लाभ बैंक, वित्तीय संस्थान को छह महीने की अवधि के लिए भुगतान किए गए ब्याज तक सीमित होगा।
ब्याज लाभ की गणना बैंक, वित्तीय संस्था सावधि ऋण, वर्किंग कैपिटल लोन पर अधिकतम 8 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर या वास्तविक ब्याज दर, जो भी कम हो पर करेगी। योजना का लाभ उठाने के लिए औद्योगिक इकाई में 1 फरवरी, 2020 और 15 मार्च, 2020 की अवधि के बीच कम से कम 80 प्रतिशत दिनों के लिए व्यावसायिक उत्पादन होना जरूरी है।
व्यावसायिक उत्पादन में आने के बाद इकाई ने आईईएम, ईएम, यूएएम दाखिल किया हो और लॉकडाउन अवधि के दौरान पुन: संचालन अनुमति लेने की तिथि से एक महीने के भीतर या 30 जून तक बैंक, वित्तीय संस्थान से सावधि ऋण, वर्किंग कैपिटल लोन लिया हो। योजना सरकार की गजट अधिसूचना की तिथि से लागू होगी और तीन महीने बाद तक चलेगी।