दूसरे कर्मचारियों से कराईं रजिस्ट्रियां
लिपिकों की हड़ताल के कारण जिलों में रजिस्ट्री का काम रुका हुआ है। इस पर गुरुवार को सरकार ने कई जिलों में दूसरे कर्मचारियों को लगाकर तीन सप्ताह से रुकी पड़ी रजिस्ट्रियां भी करवाईं। पंचकूला में 65, झज्जर में 43, सोनीपत में 27, यमुनानगर में 10, अंबाला व रोहतक में 2 रजिस्ट्रियां हुईं।
तीन दौर की हो चुकी बातचीत
35,400 मूल वेतन की मांग को लेकर लिपिक पांच जुलाई से हड़ताल पर हैं। अब तक उनकी सरकार ने तीन बार बातचीत हो चुकी है। बुधवार को हुई तीसरी बैठक में सरकार ने 21,700 मूल वेतन का ऑफर दिया था, जिसे लिपिकों ने ठुकरा दिया।
जब भी बात होगी, वेतन विसंगती दूर करने की मांग होगी: एसोसिएशन
लिपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रांत ने कहा कि सरकार ने सकारात्मक रुख के साथ बातचीत का आश्वासन दिया था लेकिन अब काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश दे रही है। सरकार के ऐसे रवैये के कारण ही लिपिकों ने हड़ताल शुरू की थी। किसानों और सरपंचों के बाद अब सरकार लिपिकों पर लाठियां बरसा सकती है। लिपिक 21,700 का मूल वेतन स्वीकार नहीं करेंगे। भाजपा ने 2014 व 2019 के चुनाव में वेतन विसंगतियां दूर करने का वादा किया था। जब भी बात होगी, वेतन विसंगितयां दूर करने की मांग होगी। अब यह आत्मसम्मान की लड़ाई है।