-कोरोना काल के दौरान दर्ज नियमों के उल्लंघन के मामलों में ट्रायल पर रोक रहेगी जारी
-ईडी, सीबीआई व अन्य एजेंसियों से भी मांगी गई लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप माननीयों पर लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के लिए लिए गए संज्ञान मामले में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, सीबीआई, ईडी व अन्य जांच एजेंसियों से स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है। इसके साथ ही कोरोना काल के दौरान दर्ज विभिन्न उल्लंघनों के मामलों में ट्रायल पर रोक जारी रखने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट को आदेश दिया था कि एमपी-एमएलए पर लंबित मामलों का जल्द निपटारा जरूरी है। ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अदालतों की जरूरत बताई थी। अश्वनी कुमार बनाम केंद्र सरकार मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में एमपी व एमएलए पर लंबित मामलों की जानकारी मांगी थी। सभी हाईकोर्ट की ओर से जब आंकड़ें सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो वह चौकाने वाले थे। सुप्रीम कोर्ट को विभिन्न हाईकोर्ट ने बातया था कि देशभर के 1765 माननीयों के खिलाफ 3045 आपराधिक मामले लंबित हैं। पंजाब के 19 सांसदों और विधायकों के खिलाफ 29 केस चल रहे थे। वहीं हरियाणा के 13 सांसदों और विधायकों के खिलाफ 13 आपराधिक केस लंबित थे। जिनमें कुछ का निपटारा होने के चलते 7 पर ही केस लंबित थे। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किया था कि माननीयों पर लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के लिए विशेष अदालतें गठित की जाएं। यह अदालतें हर माह इन मामलों की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेंगी। हाईकोर्ट को हर तीन माह के भीतर एक सुनवाई करनी होगी जिसमें इन रिपोर्ट का अध्ययन कर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।