हरियाणा सरकार केंद्रीय विजिलेंस आयोग की तर्ज पर राज्य सतर्कता आयोग का गठन करने की तैयारी कर रही है। सरकार के स्तर पर इसका खाका तैयार हो चुका है। आयोग के गठन के पीछे मंशा यह है कि सीधे तौर पर आयोग की नजर भ्रष्टाचार पर रहे और किसी तरह के राजनैतिक हस्तक्षेप की गुंजाइश न हो। सरकार के वरिष्ठ सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।
सरकार का मानना है कि आयोग के गठन के साथ ही सरकार की पारदर्शी कार्यशैली की थीम और आगे बढ़ेगी। पिछले कार्यकाल में भी भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा कर जनता के बीच गई थी। विजिलेंस ब्यूरो को लेकर आम धारणा यह है कि राजनैतिक दबाव भी ब्यूरो के ऊपर रहता है। राज्य सतर्कता आयोग के लिए अलग-अलग क्षेत्र के लोगों के नाम सुझाए गए हैं। जिस पर निगरानी के लिए किसी न्यायिक हस्ती को भी बैठाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री स्वयं चाहते हैं कि यह आयोग सभी तरह के दबाव से मुक्त रहे। वर्तमान में हरियाणा में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के माध्यम से ही सतर्कता विभाग से संबंधित सभी जांच की जाती हैं। अब अगर आयोग का गठन हेाता है तो विजिलेंस ब्यूरो की कार्यप्रणाली भी तय करती होगी, क्योंकि अभी तक भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच का जिम्मा विजिलेंस के पास ही होता है।