हरियाणा सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को बड़ी राहत दी है। अब सेनानी या उनकी पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र न होने पर भी बेटी को सरकार कन्यादान राशि देगी। प्रमाण पत्र न होने की स्थिति में राशि देने को लेकर आ रही तकनीकी अड़चन सरकार ने दूर कर ली है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नए प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी है। स्वतंत्रता सेनानी एवं उनकी पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र न मिलने की सूरत में तहसीलदार की पेश रिपोर्ट को ही मृत्यु प्रमाण पत्र मान लिया जाएगा। हरियाणा सरकार स्वतंत्रता सेनानियों की बहन, पुत्री एवं सुपौत्री की शादी में 51 हजार रुपये कन्यादान राशि प्रदान करती है।
इसके लिए स्वतंत्रता सेनानी के परिजन आवेदन करते हैं। बहुत से स्वतंत्रता सेनानियों व उनकी विधवाओं की मृत्यु करीब 60 से 70 वर्ष पूर्व हो चुकी होती है, ऐसे में आवेदक के पास उनके मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति नहीं होती। इस अड़चन को मुख्यमंत्री ने दूर करने के निर्देश दिए थे।
अब स्वतंत्रता सेनानी व उनकी विधवा का मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदक के पास उपलब्ध नहीं होने पर तहसीलदार की रिपोर्ट को मृत्यु प्रमाण पत्र मानते हुए कन्यादान राशि स्वीकृत कर दी जाएगी। इससे प्रदेश के अनेकों स्वतंत्रता सेनानी परिवारों और उनके आश्रितों को काफी लाभ होगा।