फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana News: 60 हजार बच्चों को बड़ी राहत, दे सकेंगे बोर्ड परीक्षा, नजदीक के सरकारी स्कूलों में होंगे दाखिले

Fri, 05 Jan 2024 11:47 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा सरकार ने प्रदेश के 60 हजार विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। अब ये छात्र बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। आसपास के सरकारी स्कूलों में इनके दाखिले होंगे। वहीं निजी स्कूलों को राहत देने के मूड में सरकार नहीं है। निजी स्कूलों के सामने बॉन्ड राशि जमा कराने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा सरकार ने अस्थाई मान्यता प्राप्त 1032 स्कूलों में पढ़ रहे 10वीं और 12वीं कक्षा के 60 हजार विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा देने का रास्ता साफ हो गया है। हरियाणा सरकार इन विद्यार्थियों को आसपास के सरकारी स्कूलों में मर्ज करेगी। सरकारी स्कूलों में दाखिले के बाद इनका हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से इनरोलमेंट कराके फार्म भरवाए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में भी डीईओ और डीईईओ को आठ जनवरी तक का समय दिया है। विभाग ने यह फैसला 27 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं के चलते लिया है।

विज्ञापन


हरियाणा के अस्थाई मान्यता प्राप्त 1032 स्कूलों को सरकार पहले से ही अस्थाई मान्यता देने से साफ इंकार कर चुकी है। निजी स्कूलों को 60 हजार बच्चों के माध्यम से आस थी कि सरकार विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए उन्हें राहत दे सकती है लेकिन सरकार इससे आगे की सोचते हुए यह झंझट ही खत्म कर दिया और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए कह दिया है। ऐसे में अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों के पास बांड राशि भरने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।

गौरतलब है कि गुरुवार को ही शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने पत्र जारी किया था कि स्कूलों को स्थाई मान्यता के लिए तय निर्धारित बॉन्ड राशि भरनी होगी, जो स्कूल बॉन्ड राशि जमा करा देगा, वह हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से सत्र 2023-24 के लिए संबंद्धता ले सकेगा और उसके विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। साथ ही 31 मार्च, 2024 तक स्थाई मान्यता हासिल करें। 
विज्ञापन


पालिसी के तहत कक्षा पांच तक के स्कूल को एक लाख, 8वीं तक के स्कूल को 1.50 लाख और सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए 2 लाख रुपये बॉन्ड (बीमा) राशि तय कर रखी है। अगर तय अवधि में स्कूल मान्यता लेता है तो यह राशि बाद में स्कूल को वापस दे दी जाएगी और अगर कोई स्कूल ऐसा नहीं करता है तो उसकी राशि जब्त हो जाएगी। हालांकि, निजी स्कूल संचालक इस राशि को अधिक बताकर इसमें राहत की मांग कर रहे थे लेकिन सरकार ने यह रास्ता बंद कर दिया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें