हरियाणा सरकार ने कोरोना मरीजों के इलाज में मनमानी कर रहे निजी अस्पतालों पर लगाम कस दी है। निजी अस्पतालों को अब सरकारी रेट पर कोरोना संक्रमितों का इलाज करना होगा। सरकार ने इसके लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इलाज की दरें 8 से 18 हजार के बीच हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सीएम मनोहर लाल को इसका प्रस्ताव भेजा था, जिसे उन्होंने मंजूरी दे दी है।
इलाज की नई दरों की अधिसूचना शुक्रवार शाम स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व कोविड-19 नोडल अधिकारी राजीव अरोड़ा ने जारी कर दी। बिना एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल में आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन व सपोर्टिव केयर के साथ 8 हजार, एनएबीएच मान्यता प्राप्त व एंट्री लेवल अस्पताल में 10000, बिना एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल में बिना वेंटिलेटर के आईसीयू सुविधा 13 हजार व एनएबीएच मान्यता प्राप्त व एंट्री लेवल अस्पताल में यह सुविधा 15 हजार में मिलेगी।
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बिना एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल में वेंटिलेटर के साथ आईसीयू सुविधा 15 हजार व एनएबीएच मान्यता प्राप्त व एंट्री लेवल अस्पताल में यह सुविधा 18 हजार में उपलब्ध होगी। सभी निजी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एनसीआर के जिलों में निजी अस्पतालों ने कोरोना मरीजों के इलाज को लेकर लूट मचाई हुई थी।