हरियाणा सरकार की रोक के बावजूद कर्मचारियों को उच्च शैक्षणिक योग्यता हासिल करने पर अतिरिक्त इंक्रीमेंट दी जा रही है। महकमे मनमानी करते हुए कर्मचारियों को इंसेंटिव के तौर पर दिया जाने वाला यह लाभ दे रहे हैं। चुनिंदा विभागों के सर्विस रूल्स में ही इसका प्रावधान है, जिन्हें सरकार ने पहले ही छूट दी हुई है। जिनके रूल्स में इसका प्रावधान नहीं, उन विभागों के कर्मचारियों को अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने पर सरकार ने 17 जनवरी 2018 को रोक लगा दी थी।
बावजूद इसके कई विभाग कर्मचारियों को यह लाभ दे रहे हैं। अब मामला मुख्य सचिव कार्यालय की पकड़ में आ गया है। मुख्य सचिव कार्यालय ने सामान्य प्रशासन विभाग को कार्रवाई का जिम्मा सौंपा है। मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों, डीसी, बोर्ड, निगमों के मुख्य प्रशासक व प्रबंध निदेशकों और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार से 6 जुलाई 2020 तक रिपोर्ट तलब की है।
जिसमें सभी को बताना होगा कि 17 जनवरी 2018 के बाद कितने कर्मचारियों को उच्च शैक्षणिक योग्यता हासिल करने पर अतिरिक्त इंक्रीमेंट दी गई है। अगर किसी विभाग के सर्विस रूल्स में यह वित्तीय लाभ देने का प्रावधान है तो उसकी कॉपी भी लाभान्वित कर्मचारियों की सूची के साथ भेजनी होगी। जिन विभागों ने बिना प्रावधान अतिरिक्त इंक्रीमेंट दी है, उनसे रिकवरी के आदेश आने वाले दिनों में जारी हो सकते हैं।