हरियाणा सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले व्यापारी वर्ग को बड़ी सौगात दी है। अब व्यापारियों और वाणिज्यिक संस्थानों के मामलों की सुनवाई के लिए हर जिले में कमर्शियल कोर्ट होंगी। इन कोर्ट के फैसलों की आगे सुनवाई के लिए अपीलीय कोर्ट का भी प्रावधान किया गया है।
अभी गुरुग्राम में ही सभी जिलों के वाणिज्यिक मामलों की सुनवाई के लिए प्रदेश स्तरीय विशेष कोर्ट स्थापित थी। जिसकी स्थापना भी इसी सरकार ने 27 अक्तूबर 2017 को की थी। हरियाणा सरकार के न्याय प्रशासन विभाग ने पंजाब एवं हाईकोर्ट के साथ परामर्श के बाद कमर्शियल कोर्ट एवं कमर्शियल अपीलेट (अपीलीय) न्यायालय स्थापित करने के लिए बीते 30 अगस्त को तीन अलग-अलग अधिसूचना गजट में प्रकशित कर दी हैं।
प्रदेश में व्यापारियों से जुड़े वित्तीय मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने प्रत्येक जिले में कमर्शियल कोर्ट व अपीलेट कोर्ट स्थापित करने का फैसला लिया है। जिले में ही कॉमर्शियल कोर्ट होने से व्यापारियों को वित्तीय मामलों में न्याय पाने के लिए गुरुग्राम की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
सरकार की पहली अधिसूचना में ये प्रावधान
सरकार की पहली अधिसूचना में गुरुग्राम जिले को छोड़कर प्रदेश के बाकी सभी जिलों के सेशन डिवीजन में अतिरिक्त जिला जज, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय के न्यायालय को कमर्शियल कोर्ट अधिसूचित किया गया है। ये कोर्ट अपने क्षेत्राधिकार में 50 लाख रुपये मूल्य से ऊपर के कमर्शियल मामलों की सुनवाई और निर्णय करेंगे।
इसके अलावा यह तीनों न्यायालय ही कमर्शियल अपीलेट न्यायालय भी होंगे। यह अपने अपने संबंधित जिले की सिविल जज (सीनियर डिवीजन), एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की ओर से कमर्शियल कोर्ट के रूप में कार्य करते हुए दिए गए निर्णयों के विरुद्ध अपील की सुनवाई करेंगे।
दूसरी अधिसूचना गुरुग्राम जिले के लिए
दूसरी अधिसूचना गुरुग्राम जिले से संबंधित है। लगभग दो वर्ष पूर्व 27 अक्तटूबर 2017 को पूरे राज्य के लिए गुरुग्राम में स्थापित की गई विशेष कमर्शियल कोर्ट को ही गुरुग्राम जिले के लिए अब कमर्शियल कोर्ट एवं कमर्शियल अपीलेट कोर्ट बना दिया है।
तीसरी अधिसूचना में ये प्रावधान
सरकार की तीसरी अधिसूचना में सभी जिलो एवं सब डिवीजन में स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन, एडिशनल सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालयों को तीन लाख रुपये मूल्य से अधिक एवं 50 लाख रुपये मूल्य से नीचे के कमर्शियल मामलों की सुनवाई करने और निर्णय करने के लिए अधिकृत किया गया है।
डेढ़ साल बाद ही बदल दिया था सरकार ने फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट व आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत कुमार ने बताया कि 12 अप्रैल 2016 को हरियाणा सरकार ने हर जिले के अतिरिक्त जिला जज प्रथम के कोर्ट को संबंधित जिले का कमर्शियल कोर्ट अधिसूचित किया था। मगर, 27 अक्टूबर 2017 को सरकार ने फैसला पलटते हुए सभी जिलों के लिए गुरुग्राम जिले में विशेष कमर्शियल कोर्ट स्थापित करने की अधिसूचना जारी कर दी थी।