विदेश से डिपोर्ट किए गए 76 नागरिकों के मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा सरकार एक्शन मोड में आ गई है। गृह विभाग ने इस ममाले में एसआईटी गठित करने की तैयारी की है। यह एसआईटी प्रदेश भर में सर्च अभियान चला कर विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले कबूतरबाजों की धरपकड़ करेगी।
पुलिस के वरिष्ठ आईजी स्तर के किसी अधिकारी को इस एसआईटी का हेड बनाया जाएगा। जिसकी अध्यक्षता में पूरे प्रदेश में सर्च अभियान चलाया जाएगा। सरकार की मंशा है कि हरियाणा में कोई भी कबूतरबाज सक्रिय न रहे। 76 लोगों को डिपोर्ट किए जाने के मामले में सूबे की छवि को भी धब्बा लगा है।
अभी तक विदेश भेजने के नाम पर ठगी के अधिकतर मामले पंजाब में सामने आते थे। पंजाब में कबूतरबाजी एक व्यवसाय बन गई है, जिसके माध्यम से भोले भाले पंजाबियों से लाखों की रकम लेकर ऐजेंट उन्हें अवैध तरीके से विदेश का बार्डर क्रास करवाने का काम करते हैं। पकड़े जाने पर यह लोग विदेश की जेलों में हवा खाते हैं।
यह मामला सामने आते ही हरियाणा सरकार ने एडीजीपी स्तर के एक अधिकारी की ड्यूटी पीड़ितों से पूछताछ के लिए लगाई थी। पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि यह लोग कबूतरबाजी के शिकार हुए हैं। जिसके बाद सरकार ने एसआईटी गठन के आदेश दिए हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने सोमवार को इस बाबत गृह एवं पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत कर इसके अंतिम रूप देने का फैसला लिया है।