पैसा सीधा उसके खाते में जाएगा। किसानों और आढ़तियों को अलग-अलग नहीं किया जा सकता। चूंकि दोनों के संबंध बहुत पुराने हैं। बैंक तो निर्धारित समय पर ही खुलते और बंद होते हैं, आढ़ती से किसान किसी भी समय अपनी जरूरत के लिए राशि ले सकता है।
राजस्थान का बाजरा व पंजाब का सूरजमुखी अब नहीं बिकेगा
सीएम ने कहा है कि मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल शुरू होने के बाद राजस्थान का बाजरा व पंजाब का सूरजमुखी हरियाणा में आकर नहीं बिक सकेगा। अभी तक यह होता था कि खरीद शुरू होने पर पड़ोसी राज्यों के किसान आकर अपन फसल बेच जाते थे और प्रदेश का किसान रह जाता था। जिस पर किसान पूरी फसल न खरीदने की शिकायत करते थे।
अब बोई और खाली जमीन का सही रिकॉर्ड सरकार के पास होगा। फसलों के भंडारण की भी दिक्कत इससे आने वाले समय में खत्म होगी। चूंकि, अभी तक कृषि विभाग के पास भी पैदावार का उपयुक्त अनुमान नहीं होता था। किसानों को पराली न जलाने के लिए और प्रोत्साहित करेंगे। जागरूकता अभियानों व कृषि उपकरणों पर सब्सिडी से पराली जलाने के मामलों में 30 प्रतिशत कमी आई है।