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शहीद के घर से 10 किमी दूर एसी में मंथन करती रही सरकार, परिजन करते रहे इंतजार

Tue, 25 Apr 2017 09:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
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सरकार को शहीद याद नहीं! - फोटो : अमर उजाला
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छतीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में प्रदेश के दो जवान शहीद हो गए। इसमें से एक जवान का घर उस जगह से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर था, जहां पर भाजपा के राज्य कार्यकारिणी की बैठक में सीएम सहित राज्य की पूरी सरकार भी मौजूद थी, लेकिन खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री व इंद्री हलके के विधायक कर्णदेव कांबोज के अलावा सरकार का कोई भी नुमाइंदा शहीद के परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंचा। 
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हालांकि, प्रशासन में कई बार इस बात को लेकर हलचल होती रही कि शहीद के परिवार के सदस्यों से मिलने सीएम जा सकते हैं, लेकिन सीएम तो क्या कोई दूसरा मंत्री भी वहां दुख जताने नहीं पहुंचा। इस पर ग्रामीणों ने भी कड़ा रोष जाहिर किया। राज्य कार्यकारिणी की बैठक कर्ण लेक के पास स्थित इडन गार्डन में हो रही थी, जिसकी दूरी शहीद राममेहर के गांव खेड़ी मान सिंह से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर है। 
 
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सरकार के पास शहीदों के परिवार के लिए वक्त नहीं!

सरकार को शहीद याद नहीं! - फोटो : अमर उजाला
दोपहर को कहा जा रहा था कि बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री शहीद के परिजनों से मिलने के लिए गांव जाएंगे। सरकार की तरफ से कई बार प्लान भी बनाया गया, लेकिन शाम 5 बजे कार्यकारिणी की बैठक खत्म होने के बाद भी मुख्यमंत्री शहीद के गांव नहीं पहुंचे और वे सीधे चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए।

 इसी बैठक में केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुज्जर, बीरेंदर सिंह व राज्य के मंत्री अनिल विज, कविता जैन, रामविलास शर्मा, ओम प्रकाश धनखड़ व कई विधायक भी मौजूद रहे, लेकिन कोई भी शहीद परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंचा। शहीद के परिजन जगमाल ने कहा कि शहीदों का सम्मान करने का दावा करने वाली इस सरकार ने आज यह साबित कर दिया कि वह कितना देश की सेवा करने वाले जवानों का सम्मान करती है। ग्रामीणों ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और कहा कि देश पर जवान लगातार शहीद हो रहे हैं, लेकिन नेताओं के पास शहीदों को श्रद्धांजलि देने का भी समय नहीं है।
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