हरियाणा के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के दर्जनों फील्ड क्लर्क की नौकरी खतरे में हैं और इसे बचाने के लिए उन्हें एक टेस्ट पास करना होगा। फील्ड क्लर्क एसईटीसी (स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट इन कंप्यूटर एप्रिसिएशन एंड एप्लिकेशन) टेस्ट दो साल के प्रोबेशन पीरियड में पास नहीं कर पाए हैं। सरकार से इन्हें टेस्ट पास करने के लिए एक साल की मोहलत तो मिल गई है, अगर इस अवधि में वे उत्तीर्ण नहीं हुए तो नौकरी से हाथ धोने पड़ेंगे।
नियुक्ति के दो साल के भीतर टेस्ट पास न करने पर इनकी इंक्रीमेंट भी रुक गई है। अगर ये क्लर्क तीसरे साल में टेस्ट पास कर लेते हैं तो इंक्रीमेंट तो देय अवधि से लग जाएगी, मगर एरियर नहीं मिलेगा। यह विभाग ने एक साल का प्रोबेशन पीरियड बढ़ाने के साथ ही क्लर्क को साफ कर दिया है। इसके पीछे उद्देश्य ये भी है कि क्लर्क भविष्य में कोर्ट न चले जाएं। सिंचाई विभाग के इंजीनियर इन चीफ ने सभी अधीक्षण अभियंता को इस संबंध में 9 जून को निर्देश जारी कर दिए हैं।
उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंता से उनके अधीन कार्यरत टेस्ट पास न करने वाले क्लर्क की सूची मांगी है। टेस्ट में फेल क्लर्क का प्रोबेशन पीरियड तो एक साल बढ़ गया है, लेकिन नौकरी पर तलवार लटकी हुई है। अगर पास हुए तो ही सरकारी नौकरी का सुख भोग पाएंगे वरना घर बैठना होगा। इन क्लर्क की नियुक्ति 19 मार्च 2018 को विभिन्न शर्तों के साथ हुई थी। इन्हें हरियाणा में विभिन्न जगह पदभार मिला, नियुक्ति पत्र की शर्त नंबर 11 के तहत इन्हें सेवाएं बनाए रखने के लिए कंप्यूटर टेस्ट पास करना जरूरी है।
ये है टेस्ट पास करने की शर्त
अंग्रेजी के 30 शब्द प्रति मिनट व हिंदी के 25 शब्द प्रति मिनट की स्पीड से टाइप करने जरूरी हैं। ऐसा न करने पाने पर टेस्ट में फेल कर दिया जाता है। सिंचाई विभाग के इंजीनियर इन चीफ के पत्र अनुसार अनेक ऐसे क्लर्क हैं, जिनका दो साल का प्रोबेशन पीरियड पूरा हो चुका है, लेकिन वे टेस्ट पास करने में सफल नहीं हो पाए।