उपचार में भारी मात्रा में धन खर्च होता है और हर पीड़िता के लिए इस तरह के महंगे उपचार को वहन करना संभव नहीं है। इसलिए, तेजाबी हमले के कारण उत्पन्न होने वाली अक्षमता के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना के अंतर्गत तेजाबी हमले को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए गए हमले के रूप में परिभाषित किया जाता है और इसमें जाने-अंजाने में तेजाब के कारण स्वयं लगी चोटों को शामिल नहीं किया जाता है।
शरीर के किसी भी हिस्से की विकृति के मामले में भी महिलाओं और लड़कियों के लिए वित्तीय सहायता स्वीकार्य होगी। निशक्तता के प्रतिशत के आधार पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। वित्तीय सहायता 40-50 प्रतिशत निशक्तता पर दिव्यांग पेंशन का 2.5 गुना, 51 से 60 प्रतिशत पर दिव्यांग पेंशन का 3.5 गुना और 61 प्रतिशत से अधिक पर दिव्यांग पेंशन का 4.5 गुना दिया जाएगा।
ये लोग कर सकते हैं आवेदन
पीड़िता खुद या उसके माता-पिता या उसके कानूनी अभिभावक राहत के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को आवेदन कर सकते हैं। नाबालिग पीड़िता के मामले में, उसके माता-पिता या अभिभावक उसकी ओर से आवेदन कर सकते हैं। पीड़ित महिला के विवाहित होने की स्थिति में, उसका पति या माता-पिता या अभिभावक उसकी ओर से आवेदन कर सकते है। आवेदन के साथ जिला स्तर, जहां पीड़िता द्वारा या उसकी ओर से आवेदन किया गया है, पर मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट, एफआईआर / शिकायत की प्रति, महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त किए गए लाभ या आवेदन की प्रति जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।