हरियाणा के कर्मचारियों की मांगों के प्रति सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये से खफा कर्मचारी और शिक्षक 7 व 8 दिसंबर को राज्य के मंत्रियों के आवास पर प्रदर्शन करेंगे। जिला कार्यकारिणी की बैठकों में इसकी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
आंदोलन की अगली कड़ी में हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर 22 दिसंबर को प्रदेश के कर्मचारी सीएम सिटी रोहतक में राज्यस्तरीय हल्ला बोल रैली करेंगे।
इस रैली में सरकार की जनता व कर्मचारी विरोधी नीतियों और कर्मचारियों की मांगों के प्रति अपनाए जा रहे उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
यह जानकारी हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्य धर्मबीर सिंह फौगाट, राज सिंह दहिया, अमर सिंह यादव व सुभाष लांबा ने दी।
उन्होंने बताया कि देश की सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संघों की फेडरेशनों के आह्वान पर 12 दिसंबर को संसद कूच में भी हरियाणा के बड़ी तादाद में कर्मचारी भाग लेंगे।
यहां जारी बयान में लांबा ने बताया कि सरकार की गलत नीति के कारण एक ही विभाग में एक ही पद पर समान काम करने वाले कर्मचारियों को दो प्रकार का वेतन मिल रहा है।
रोडवेज के एक नियमित ड्राइवर को 30 हजार और एक कच्चे ड्राइवर को मात्र 10 हजार रुपये वेतनमान मिल रहा है।