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Haryana Elections : भाजपा की जीत पर युवाओं के रोजगार संकट की छाया, जीत के बाद भी बढ़ सकती है परेशानी

Fri, 11 Oct 2024 06:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा देवेश कुमार और प्रियंका मित्तल

सार

पहली बार वोट डालने वाले युवाओं ने भाजपा के मुकाबले कांग्रेस को अपना समर्थन दिया। ऐसे मतदाताओं का कांग्रेस को जहां 43 फीसदी मत मिला वहीं भाजपा को केवल 33 फीसदी समर्थन मिला। 
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बावजूद युवा वर्ग से जुड़े मुद्दे को नहीं साध पाना उसके लिए चिंता का कारण है। खासकर बेरोजगारी का मुद्दा। प्रदेश की युवा पीढ़ी राजनीतिक जुमलेबाजी से कुछ ज्यादा की मांग कर रही है।

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हरियाणा का युवा भाजपा सरकार से वास्तविक परिवर्तन की मांग कर रहा है, जो वास्तव में जमीन पर देखने में भी आए। लोकनीति-सीएसडीएस ने यह समझने की कोशिश की कि रोजगार का संकट कितना बड़ा है और इस चुनाव में युवाओं के वोट का उसपर कितना असर पड़ा।

रोजगार एक बड़ी चिंता
वर्ष 2022 में देश में हरियाणा की बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा थी। प्रदेश में हरियाणा कौशल रोजगार निगम जैसी पहलों के बावजूद सरकार की ओर से नौकरियों के ज्यादातर अवसर संविदा वाले रहे। इससे युवाओं को दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षा का भरोसा नहीं हुआ। सरकारी भर्तियों में अनियमितता और बार-बार पेपर लीक ने हालात को और बिगाड़ दिया। 

  • सर्वे बताते हैं, मतदान में हिस्सा लेने वाले 50 फीसदी युवा बेरोजगार हैं और उन्होंने बड़ी उम्र के मतदाताओं के मुकाबले 8 फीसदी ज्यादा मतदान किया। 
  • प्रत्येक पांच में से दो युवकों ने बताया कि सरकारी नौकरी के मामले में पिछले पांच सालों में स्थिति बदतर हुई है। सर्वे में यह भी पता चला कि भाजपा युवाओं की जरूरतों को पूरा करने में नाकाम रही। 

आंकड़े बताते हैं...10 में तीन युवक मानते हैं कि भाजपा उनके हितों की सुरक्षा करने में विफल रही। वहीं आठ फीसदी ने बताया कि इस मामले में भाजपा पूरी तरह सफल रही। 

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आगे क्या
भाजपा फिर से सत्ता में आ रही है, ऐसे में हरियाणा की युवा पीढ़ी का असंतोष उसके लिए खतरे की घंटी है। रोजगार संकट को दूर करने की नाकामी के कारण उसे कई युवा मतदाताओं का समर्थन नहीं मिला। ऐसे में अब पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार पर होगी कि वह घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करे और हरियाणा के युवाओं का भरोसा पुन: प्राप्त करे।

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