हरियाणा में परीक्षार्थियों की सुविधा के मद्देनजर स्कूल शिक्षा बोर्ड पहली बार प्रमाण-पत्र व रिजल्ट डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रखेगा। जिसे आवश्यकतानुसार बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। इससे परीक्षार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश लेने में कोई परेशानी नहीं होगी। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन (कोविड-19 महामारी) से पूर्व सीनियर सेकेंडरी के कुछ विषयों की परीक्षाएं ही संचालित करवाई जा सकी थीं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की अंकन नीति अनुसार ही शिक्षा बोर्ड भिवानी ने औसत अंकों के आधार पर परीक्षार्थियों के अंक तय किए व उसी अनुसार परिणाम निकाला गया। यदि कोई परीक्षार्थी घोषित परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो वह बोर्ड की आगामी परीक्षा में आंशिक अंक सुधार कर सकता है, जिसके लिए परीक्षार्थी को दो अवसर दिए जाएंगे।
कंवर पाल ने 12वीं कक्षा में टॉप पर आए विद्यार्थियों को फोन कर बधाई भी दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कला संकाय में टॉपर महेंद्रगढ़ जिले की मनीषा, वाणिज्य संकाय की टॉपर कैथल की पुष्पा और विज्ञान संकाय की टॉपर रेवाड़ी की भावना यादव को फोन कर प्रदेश में अव्वल स्थान आने पर शुभकामनाएं दी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि 12वीं कक्षा के तीनों संकायों में बेटियों ने टॉप स्थान हासिल किया है। आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नही हैं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति जैसे क्षेत्रों में तो दो कदम आगे हैं। सरकारी स्कूलों का परिणाम 79.78 प्रतिशत रहा। वहीं प्राइवेट स्कूलों का 80.97 प्रतिशत रहा है। इस बार 12वीं कक्षा में रेगुलर पाने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा का परिणाम 80.34 फीसदी रहा है, जबकि 2019 में 74.48, वर्ष 2018 में 63.84 व वर्ष 2017 में 64.50 प्रतिशत परिणाम रहा था।