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बढ़ते दबाव के बाद केंद्रीय मंत्रियों से मिले दुष्यंत, सकारात्मक हल निकालने की वकालत

Sat, 12 Dec 2020 02:45 PM IST
निवेदिता शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। - फोटो : ANI
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हरियाणा में भाजपा के सहयोग दल जजपा के वरिष्ठ नेता एवं सूबे के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पर किसान आंदोलन की वजह से सरकार का साथ छोड़ने का लगातार दबाव बन रहा है। विपक्षी दल उन्हें निशाने पर लिए हुए है। हालांकि दुष्यंत साफ कर चुके हैं कि कभी भी यदि किसानों का अहित हुआ और एमएसपी पर आंच आई तो वे खुद ही कुर्सी छोड़ देंगे लेकिन उनके पड़दादा पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल कहा कहते थे कि किसानों के कल्याण व उनकी हितों की रक्षा के लिए सरकार में प्रतिनिधित्व होना जरूरी है।

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इसी के चलते उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को नई दिल्ली में तीन केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह, नरेंद्र तोमर और पीयूष गोयल से मुलाकात की और उनसे इस आंदोलन के सकारात्मक हल निकालने की वकालत की। तीनों मंत्रियों से मिलने के बाद दुष्यंत ने उनसे अपील की कि जल्द से जल्द सरकार किसानों की मांगों पर सहमति बनाते हुए उनका गतिरोध खत्म करवाए।

तीनों मंत्रियों से मुलाकात के बाद डिप्टी सीएम दुष्यंत ने दावा किया है कि एक-दो दिन में सरकार और किसानों के बीच सातवें दौर की बातचीत होगी। उम्मीद है उसके बाद किसानों की मांगों पर सहमति बन जाएगी। उन्हें 24 से 48 घंटों में गतिरोध खत्म होने की उम्मीद है। दोनों पक्ष सहमति बनाने के पक्षधर हैं और इसीलिए अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। उनके अनुसार कुछ विषयों पर दोनों पक्ष एकमत हुए तभी एक के बाद एक करके छह दौर की बातचीत हुई।
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केंद्र सरकार की ओर से किसानों को भेजे गए 24 पेज के प्रस्ताव में न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने पर सहमति जताई गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर स्थिति सामान्य हो जाएगी। दुष्यंत चौटाला ने फिर कहा कि वे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे डिप्टी सीएम के पद पर किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित कर रहे हैं और अगर एमएसपी व्यवस्था पर कोई आंच आई तो वह उपमुख्यमंत्री के पद पर नहीं रहेंगे। हरियाणा सरकार देश में अधिकतम फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रही है और इस वर्ष भी अधिकतम किसानों को इसका लाभ मिला है।

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