किलोमीटर स्कीम पर विभाग के अडिग रहने से रोडवेज कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ना लाजिमी है। इससे टकराव के आसार बन रहे हैं। 12 नवंबर को एसीएस की अध्यक्षता में कर्मचारी तालमेल कमेटी से होने वाली वार्ता से पहले सरकार ने 190 बसों की निविदाएं आमंत्रित कर कर्मचारियों को उकसाने का काम किया है। इसे विभाग की ओर से दबाव बनाने का प्रयास माना जा रहा है।
हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान, किलोमीटर स्कीम बर्दाश्त नहीं : कमेटी
रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्य विरेंद्र धनखड़, हरिनारायण शर्मा, दलबीर किरमारा, सरबत पूनिया, इंद्र सिंह बधाना, पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह, सुलतान सिंह ने कहा कि कर्मचारियों ने हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए हड़ताल खत्म की थी। अभी हाईकोर्ट की ओर से कोई अंतिम फैसला न आने के बाद परिवहन विभाग ने 190 बसें ठेके पर लेने का टेंडर जारी कर दिया। हाईकोर्ट का पूर्ण सम्मान है, लेकिन किलोमीटर स्कीम लागू नहीं होने देंगे।
कर्मचारियों को दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर कर रहे : लांबा
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय और एजी की राय के बावजूद रोडवेज कर्मचारियों को हड़ताल अवधि का वेतन नहीं दिया गया है। विभाग ने नया टेंडर जारी कर कर्मचारियों को दोबारा आंदोलन के लिए मजबूतर करने का काम किया है। भिवानी जेल में बंद नेताओं को यातनाएं दी गईं। उनको अपमानित किया गया। सर्व कर्मचारी संघ 11 नवंबर को रोहतक में राज्य कार्यकारिणी की बैठक कर आगामी आंदोलन की घोषणा करेगा।