चुनावी समर के बीच वित्त मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा का चुनावी गढ़ उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। पिछले 10 वर्षों से हरियाणा के कद्दावर मंत्री चट्ठा के लिए पिहोवा विधानसभा क्षेत्र अभेद्य किला बना रहा है।
क्षेत्र के लिए कई सौगात लेकर आए चट्ठा के लिए बुरी खबर ये है कि उनके धड़े के एक या दो नहीं, बल्कि 10 पार्षद इनेलो में पाला बदल कर चुके हैं। ये हालात तब हैं,जब राजनैतिक विरासत पुत्र मनदीप सिंह चट्ठा को सौंपी है। हालांकि चट्ठा और उनके समर्थकों को कांग्रेस सरकार में किए कार्यों के दम पर जीत की पूरी उम्मीद है।
चट्ठा के धड़े के करीब एक दर्जन पार्षदों ने इन उम्मीदों पर करारा वार कर दिया है। मजेदार बात ये है कि इनमें दो वे पार्षद भी हैं, जिन्हें चट्ठा ने पिहोवा पालिका का चेयरमैन बनाने में अहम रोल निभाया था।
जो कभी चट्ठा के सम्मान में कसीदे पढ़ते थे वे अब इनेलो प्रत्याशी जसविंद्र सिंह संधू का गुणगान करते हुए चुनावी सभाओं में इनेलो के मंच पर दिखाई दे रहे हैं। बताया रहा है कि तीन और पार्षदों को इनेलो में लाने की तैयारी चल रही है। इनेलो के नेताओं के साथ गुप्त बैठकें हो चुकी हैं।
दो पूर्व चेयरमैन और ये हैं पार्षद
वार्ड नंबर-4 से महेंद्र सिंह, वार्ड-6 से अनिल बागड़ी एडवोकेट, एक साल पहले तक पिहोवा नगर पालिका की चेयरमैन रह चुकीं वार्ड-7 की पार्षद महक धवन और उनके पति वार्ड-10 से पार्षद अनिल धवन हैं।
इसके अलावा वार्ड-8 के पार्षद कृष्ण सैनी टोनी, वार्ड-9 की पार्षद रेखा कौशिक, वार्ड-12 के पार्षद एवं पिहोवा पालिका के पूर्व चेयरमैन महंत तरणदास, वार्ड-13 से पार्षद सुरेंद्र पप्पू, वार्ड-16 से पार्षद अनिल सिंगला एवं वार्ड-17 से पार्षद कांग्रेसी नेत्री गीता डाबर शामिल हैं।
थानेसर नगर परिषद के बाद पिहोवा नगर पालिका कांग्रेस के हाथ से खिसक चुकी है। पिहोवा में 10 पार्षदों के इनेलो की ओर जाकर खड़े होने से यहां सिर्फ पिहोवा पालिका की चेयरमैन शीला सिंगला, वाइस चेयरमैन कंवर अमृतपाल खिल्लन, रविंद्र बिंटा तथा नरेंद्र पुरी बलजीत सिंह, पूजा रानी एवं वर्षा रानी ही कांग्रेस धड़े में दिखाई दे रही हैं।
नगर पालिका में अब राजनीतिक समीकरण
पता चला है कि दो महिला पार्षदों के पति इनेलो की ओर झुकाव दिखाते हुए चुनावी सभाओं में दिखने लगे हैं। विधिवत रुप से ये इन महिला पार्षदों के पति इनेलो में शामिल होने का ऐलान करेंगे या नहीं, इस पर भी सबकी है। दो नामित पार्षदों के समर्थन से भी नहीं बचेगी कुर्सी।
संख्या के हिसाब से पिहोवा पालिका में कुल 17 वार्डो से पार्षद चुन आते हैं। हाउस में सभी वार्डों के 17 पार्षदों के अलावा कांग्रेस सरकार की ओर से मनोनित किए दो पार्षदों में नोतन शर्मा और कुलदीप कौर शामिल हैं। अगर संख्या के हिसाब से चेयरमैन पद को बचाना है तो इन दो पार्षदों के वोट के इस्तेमाल से भी चेयरमैन की कुर्सी बचाना मुश्किल होगा।
जाहिर तौर पर इसका फैसला अब चुनाव के बाद यानि इसी माह में हो सकता है। पिहोवा पालिका के लिए ये तीसरा मौका होगा, जब चेयरमैन बदले जाने के हालात बने हैं। हालांकि महक धवन को चेयरमैन का पद अल्पमत में आने की वजह से नहीं, बल्कि राजनीतिक आका के उनके पक्ष में न होने के कारण छोड़ना पड़ा था।