हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में खराब फसल का मुआवजा नहीं मिलने के मुद्दे की गूंज रही। विपक्षी दल कांग्रेस और इनेलो ने सरकार की घेराबंदी की और आरोप लगाया कि तीन साल पुराना मुआवजा भी किसानों को नहीं मिला है। जवाब में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने मुआवजे के आंकड़े पेश किए। पलटवार करते हुए इनेलो विधायक अभय चौटाला ने आंकड़ों को झूठा करार दिया। अभय ने कहा कि ये (डिप्टी सीएम) घर में भी झूठ बोलते हैं और सदन में भी झूठ बोलकर गुमराह कर रहे हैं।
सरकार खुद मान रही है कि 2022 का मुआवजा अभी नहीं दिया जा सका है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद और भिवानी में कपास की फसल गुलाबी सुंडी के प्रकोप की वजह से बर्बाद हो गई। दो-तीन क्विंटल प्रति एकड़ में निकली, उसका मंडी में कोई खरीदार नहीं मिला।
कांग्रेस विधायक वरुण मुलाना, इनेलो विधायक अभय चौटाला और नीरज शर्मा की ओर से खराब फसलों के मुआवजे को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021, 2022 और 2023 में आई बाढ़ से पीड़ित किसानों को आज तक मुआवजा नहीं मिला है।
कांग्रेसी विधायक आफताब अहमद ने आरोप लगाया कि उनके जिले नूंह का 32 करोड़ रुपये मुआवजा बनता है, लेकिन आज तक एक करोड़ ही आवंटित किया गया है। यह राशि डीसी और एसडीएम के खातों में ही घूम रही है। वह खुद इस बारे में डिप्टी सीएम और डीसी से मिल चुके हैं, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। पिछली बार सदन में भी उन्होंने यह मामला रखा था।
जजपा के नारनौंद से विधायक रामकुमार गौतम ने भी कहा कि उनके हलके में भी मुआवजे के 8.46 करोड़ रुपये नहीं बंटे हैं। जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया था, उनको मुआवजा मिल गया है, जबकि जिन्होंने बीमा कराया है, वह आज भी इंतजार कर रहे हैं।
अभय बोले-मुझे सारे नियम पता है, स्पीकर ने कहा-फिर मान भी लो
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर डिप्टी सीएम और अभय चौटाला के बीच हुई बहस पर टोकते हुए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि प्रस्ताव पर बहस नहीं हो सकती। उन्होंने अभय चौटाला को बैठने का इशारा करते हुए कहा कि आपको नियम बता रहा हूं। पलटवार में अभय ने कहा कि मुझे सारे नियमों का पता है। स्पीकर भी पीछे नहीं रहे और कहा कि जब नियमों का पता है तो इनको मानो भी और बैठ जाओ।
मुआवजा देने की प्रक्रिया लगातार जारी : डिप्टी सीएम
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि रबी फसल 2022-23 के दौरान राज्य में सरकार की योजना के तहत सरसों व गेहूं की खराब हुई फसल के लिए जिला हिसार, सिरसा, भिवानी व फतेहाबाद में कुल 3,70,277 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 35,365 किसानों को 65.18 करोड़ रुपये का क्लेम जारी किया जा चुका है और शेष क्लेम वितरण के लिए प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जुलाई में आई बाढ़ से हुए नुकसान की भी सरकार ने भरपाई की है। सरकार ने राज्य के 12 जिलों के 1469 गांवों और 4 एमसी क्षेत्रों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया।
सरकार ने पशु हानि के लिए 63,75,500 रुपये, मकानों की क्षतिग्रस्त होने पर 5,14,85,000 रुपये, घरेलू सामान के लिए 13,37,500 रुपये और व्यावसायिक संपत्ति खराब होने पर 4,85,500 रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अतिरिक्त 40 शोक संतप्त परिवारों को 1,60,00,00 रुपये (प्रतिमृतक 4 लाख रुपये) की राशि स्वीकृत की है। बचाव कार्यों के लिए राज्य के 10 जिलों को अतिरिक्त 11.02 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। बाढ़ प्रभावित 5,77,296.61 एकड़ क्षेत्र के लिए कुल 1,34,310 किसानों ने दावा जताया था, इनके लिए 97,93,25,839 का मुआवजा दिया जा चुका है।