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ट्राइसिटी और एनसीआर के प्रसिद्ध अस्पतालों में एंट्री फुल, मंत्रियों-अधिकारियों को आ रहे हैं फोन

Thu, 10 Sep 2020 02:22 AM IST
ajay kumar प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • एनसीआर और ट्राइसिटी के प्रसिद्ध अस्पतालों में दाखिले के लिए मंत्रियों और अधिकारियों के पास आ रहे फोन
  • सरकार ने हालात देख तीन जिलों में दिए 100-100 बिस्तर के क्रिटिकल कोविड केयर सेंटर बनाने के आदेश
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में कोरोना के बढ़ते कहर के बीच एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र)और ट्राई सिटी (चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली) के नामचीन निजी अस्पतालों में दाखिला मिलना मुश्किल हो रहा है। कोरोना संक्रमित दाखिल होने के लिए जुगाड़ भी लगा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से सिफारिश लगाने वालों की तादाद भी काफी ज्यादा है। विज के पास इस संबंध में रोजाना फोन आ रहे हैं।

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सिफारिशों की सूची लंबी होते देख सरकार ने तीन जिलों में 100-100 बिस्तर के क्रिटिकल कोविड केयर सेंटर बनाने का फैसला लिया है। इनमें गंभीर रूप से संक्रमितों का इलाज किया जाएगा। हिसार के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज व रोहतक पीजीआई में यह केंद्र बनेंगे।   

स्वास्थ्य मंत्री ने तीनों जिलों के कॉलेज प्रबंधन को ये केंद्र तत्काल स्थापित करने को कहा है ताकि गंभीर मरीजों का उपचार शुरू हो सके। गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि क्रिटिकल कोविड केयर सेंटर में ऑक्सीजन व वेंटिलेटर पर चल रहे मरीजों के अलावा अन्य गंभीर संक्रमितों को रखा जाएगा। सरकार कोरोना को हराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। 
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नर्सिंग की अंतिम वर्ष की छात्राओं की सेवाओं की ली जाएगी मदद 
स्वास्थ्य विभाग नर्सिंग अंतिम वर्ष की छात्राओं की सेवाएं भी कोरोना से लड़ने में लेगा। अनिल विज ने विभाग को निर्देश दे दिए हैं। होम क्वारंटीन लोगों को चिकित्सकीय सेवाएं देने के लिए भी इनकी मदद ली जा सकती हैं। अस्पतालों में जहां जरूरत होगी, वहां भी इन्हें तैनात किया जाएगा। 

बिना अनुमति रैली, जनसभा पर दर्ज होगा केस   
सरकार ने प्रदेश में सभी दलों के नेताओं की रैलियों व जनसभाओं पर रोक लगा दी है। डीसी की अनुमति के बिना कोई रैली, जनसभा नहीं होगी। अगर किसी भी दल का नेता बिना मंजूरी रैली करते हैं तो उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज करवाया जाएगा। 

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