भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ कांग्रेस 22 फरवरी को सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि, तोशाम से कांग्रेस की विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता किरण चौधरी को अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सवाल उठाया है।
किरण चौधरी ने कहा है कि कांग्रेस के पास आंकड़े नहीं है, लिहाजा बिना आंकड़ों के अविश्वास प्रस्ताव लाना भाजपा को बोलने और अपनी बात रखने का मौका देना है। कांग्रेस के पास आंकड़े नहीं है और सरकार बहुमत में है, ऐसे में सरकार को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा।
इससे पहले, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता की ओर से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर सदन में वोटिंग कराई गई, जिसका कांग्रेस के सभी विधायकों ने समर्थन किया। कांग्रेस की ओर से दिए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रघवीर कादियान, जगबीर मलिक, गीता भुक्कल, वरुण चौधरी, अमित सिहाग, मामन खान, बीबी बत्रा, शमशेर सिंह गोगी और नीरज शर्मा ने सहित 26 विधायकों ने हस्ताक्षर किए हैं।
वहीं, गठबंधन सरकार की ओर से विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का माकूल जवाब देने के लिए रणनीति तैयार की है। किरण चौधरी द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पर सवाल उठाने से एक बार फिर कांग्रेस की गुटबाजी सामने आई है। बता दें कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और किरण चौधरी में लंबे समय ही टकराव की स्थिति है। चौधरी कांग्रेस विधायक दल की बैठकों से भी दूरी बनाए हुए हैं और इसके साथ ही प्रदेशाध्यक्ष द्वारा बुलाई गई बैठकों में भी हिस्सा नहीं ले रही हैं। किरण चौधरी, कुमारी सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला के गुट के साथ हैं।
किरण ने लोकसभा नहीं विस चुनाव लड़ने की इच्छा की जाहिर
कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने लोकसभा चुनावों में दिग्गजों के आवेदन पर स्पष्ट किया कि उनकी इच्छा लोकसभा नहीं बल्कि विधानसभा चुनाव लड़ने की है। वे कई बार लोकसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं। वहीं, प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया द्वारा जनसंदेश यात्रा निकालने पर सवाल खड़े करने को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए किरण ने स्पष्ट किया कि दीपक बावरिया को भी पता है जनसंदेश यात्रा को जनसमर्थन मिल रहा है।