हरियाणा में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए तीखी सी बात कही। वे अपने जन्मदिन पर खरखौदा पहुंचे और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा पर सियासी निशाना साधते हुए कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। चूरमा व हलवा खाने वालों को दाल-रोटी भी खानी पड़ती है।
इतना ही नहीं, तंवर ने विधानसभा चुनाव में खरखौदा से विजयी हुड्डा के समर्थक विधायक जयवीर वाल्मीकि को कड़ी टक्कर देने वाले पवन खरखौदा की पीठ पर न केवल हाथ रखा, बल्कि समर्थकों सहित उन्हें कांग्रेस में शामिल करवाया। हुड्डा के गढ़ में तंवर के इस सियायी कदम को बेहद अहम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में पूर्व सीएम हुड्डा ही नहीं, खरखौदा विधायक जयवीर वाल्मीकि भी नजर नहीं आए। पूछने पर तंवर ने इतना ही कहा कि दोनों नेताओं के पास समय नहीं था। विधानसभा चुनाव में खरखौदा से लगातार दूसरी बार जयवीर वाल्मीकि को टिकट दी गई थी। हालांकि पवन खरखौदा भी पार्टी की टिकट मांग रहे थे।
टिकट नहीं मिलने पर पवन खरखौदा ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। वह 13 हजार वोटों से चुनाव जरूर हार गए, लेकिन इनेलो व भाजपा प्रत्याशियों से ज्यादा वोट लेकर सियासत में हलचल पैदा कर दी थी।
चुनाव में हार के बाद से पवन कांग्रेस से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर के नेतृत्व में दोबारा पार्टी में शामिल होकर नए समीकरणों को तूल दे दिया है।