नोट: खबर में दो जगह मंगलवार को सोमवार किया गया है
-हरियाणा प्रभारी बाबरिया ने कांग्रेस संगठन महासचिव वेणुगोपाल से की मुलाकात
-हाईकमान के पास अटकी हुई है हरियाणा संगठन की सूची
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस हाईकमान के पास अटकी हरियाणा कांग्रेस संगठन की सूची के बाहर आने के आसार बन रहे हैं। संभावना है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में हाईकमान और हरियाणा के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की बैठक होगी। बैठक में बनने वाली सहमति के बाद ही संगठन की सूची को जारी किया जाएगा। अटकी सूची को जारी कराने समेत हरियाणा के तमाम मुद्दों को लेकर सोमवार को हरियाणा के प्रभारी दीपक बाबरिया ने कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ मुलाकात की। इस दौरान सबसे अहम मुद्दा संगठन सूची ही रही। वेणुगोपाल ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सूची जारी की जाएगी।
हरियाणा में कांग्रेस का पिछले नौ साल से संगठन नहीं है और नौ साल से ही कांग्रेस सत्ता से बाहर है। अब 2024 में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसलिए कांग्रेस मैदान में उतने से पहले संगठन खड़ा करना चाह रही है। इसके लिए पर्यवेक्षकों की ओर से सभी जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर पूरी रिपोर्ट हरियाणा प्रभारी को सौंपी गई थी। बाद में बाबरिया ने यह सूची कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दी थी। बावजूद इसके अभी तक सूची जारी नहीं हो सकी। इसके पीछे एक कारण तो हरियाणा के कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी रही। बताया जा रहा है कि सूची में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थकों की संख्या अधिक है। इसका पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी ने खुलकर विरोध जताया था। साथ ही खरगे और केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। कांग्रेस के सूत्रों का दावा है कि सभी नेताओं के समर्थकों को संगठन में स्थान दिया जाएगा। जिस क्षेत्र में जिस नेता का प्रभाव है, उसके समर्थकों को वहां की जिम्मेदारी देने का फार्मूला तैयार किया गया है। सोमवार को बाबरिया की वेणुगोपाल के साथ हुई बैठक के बाद संभावना है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में बैठक होगी और इसके बाद सूची जारी की जाएगी।