माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ 22 और 23 जुलाई को पूरे प्रदेश में विधायकों के घरों के आगे धरना देकर उनको ज्ञापन सौंपेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री या आला अधिकारियों को फोन करवाकर कंप्यूटर प्रोफेशनल की मांगों को मानने की मांग की जाएगी। इसी कड़ी में पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता को 22 जुलाई और कालका विधायक प्रदीप चौधरी को 23 जुलाई को ज्ञापन सौंपा जाएगा। हरियाणा कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ की पंचकूला जिला प्रधान विनय शर्मा ने आरोप लगाया कि कंप्यूटर प्रोफेशनल्स मांगों को लेकर 15 जुलाई से लगातार हड़ताल पर बैठे हैं। कंप्यूटर प्रोफेशनल्स की सरकार से हो रही बातचीत में कोई समाधान नहीं निकल रहा है। सरकार उनकी मांगों को मानने में आनाकानी करती नजर आ रही है। इससे न केवल सरकार को राजस्व की हानि हो रही है बल्कि आम जन को भी अपने कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि करनाल में राज्यस्तरीय प्रदर्शन के दौरान 18 जुलाई को कंप्यूटर प्रोफेशन संघ के पदाधिकारियों ने करनाल में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन सौंपा था। मुख्यमंत्री ने उनको सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। उनकी उच्चाधिकारियों से शुक्रवार को बैठक भी करवाने का समय दिया था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कंप्यूटर प्रोफेशनल्स की बैठक पहले पीएस टू सीएम राजेश खुल्लर के साथ हुई। इस दौरान सभी साथियों डीआईटीएस/एचकेआरएनएल के माध्यम से कार्य कर रहे किसी भी पद पर लगे कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा 58 साल तक और समान काम समान वेतन की तर्ज़ पर डीए की किस्त दी जाने पर सहमति बनी थी। इसका आधिकारिक पत्र अभी जारी नहीं होगा। इसमें कुछ समय लगेगा, जबकि दूसरे दौर की बैठक पीएस टू सीएम वी. उमाशंकर के साथ हुई। इसमें केंद्रीयकरण लेने के बारे में सहमति नहीं बन पाई। अगले दौर की बातचीत 24 जुलाई बुधवार को अजय तोमर आईटी डायरेक्टर के साथ होनी निश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारे पास आधिकारिक तौर पर पत्र नहीं मिलता है तब तक हड़ताल जारी रखेंगे और धरने पर डटे रहेंगे।
कंप्यूटर प्रोफेशनल्स की मांगें
- डीआईटीएस का केंद्रीयकरण करते बजट का प्रावधान किया जाए ।
- सभी कार्यरत कर्मचारियों के पद सर्जित किए जाए ।
- हरियाणा सरकार द्वारा जो नियमितीकरण की पॉलिसी तैयार की जा रही है, उसमें डीआईटीएस के अधीन (डीआईटीएस/हारट्रोन/एचकेआरएनएल) कार्यरत कर्मचारियों को शामिल करते हुए नियमित किया जाए। नियमितीकरण की पॉलिसी लागू नहीं हो जाती तब तक 58 वर्ष की सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए ।
- हरियाणा कौशल रोजगार निगम में भेजे गए, सभी डीआईटीएस कर्मचारियों को डीआईटीएस में शामिल किया जाए।
- कैटेगरी/पद अनुसार समान काम समान वेतन दिया जाए ।
- डीआरडीए/रेड्रक्रास के समकक्ष डीआईटीएस के अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों को भी लाभ प्रदान किया जाए ।