विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री के तौर पर पहले दिन नायब सिंह सैनी ने मनोहर लाल को तपस्वी बताया। उन्होंने पूर्व सीएम की तारीफ की। साथ ही कहा कि सरकार के कामों को आगे लेकर जाएंगे। वहीं, विधानसभा में आखिरी भाषण देते हुए मनोहर लाल भावुक हो गए।
विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री के तौर पर नायब सिंह सैनी का पहला दिन था। इस दौरान वह पूरे आत्मविश्वास के साथ नजर आए। सदन में बोलते वक्त जब विपक्ष बीच में हस्तक्षेप करता तो वह बहुत ही सहज भाव से उन्हें शांत करा देते थे। सदन में अपने भाषण के दौरान उन्होंने पूर्व सीएम मनोहर लाल की तारीफों के पुल बांधे।
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सदन में वह पूर्व सीएम को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम से संबोधित करते रहे। इस दौरान मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने उन्हें एक बार कहा कि वह पूर्व सीएम हैं तो नायब ने कहा कि उन्हें पता है। उन्होंने सीएम मनोहर लाल को तपस्वी व ईमानदार बताया। उन्होंने कहा कि उनका दामन इतना साफ है कि उनकी ईमानदारी की पूरे देश में चर्चा होती है।
उन्होंने ईमानदारी और निष्ठा से अपना पूरा जीवन प्रदेश की सेवा में लगाया है। मनोहर लाल के नेतृत्व में सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत कर बिना भेदभाव के गत साढ़े नौ साल में प्रदेश को नई दिशा देने का काम किया है। उन्होंने कहा, जब सोच ईमानदार है और काम दमदार है तो अब लोग भी बोल रहे हैं कि फिर एक बार मोदी सरकार, भाजपा सरकार।
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उन्होंने कहा कि मनोहर लाल ने मिशन मोड में काम करते हुए व्यवस्था में सुधार किया है, जिससे आज सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को घर बैठे मिल रहा है। आज पोर्टल के माध्यम से बुजुर्गों को तीन हजार रुपये प्रति माह पेंशन घर बैठे मिल रही है।
उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रदेश सरकार के प्रयासों से न केवल हरियाणा में व्याप्त कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीति पर विराम लगाया बल्कि लाखों बेटियों को जीवनदान भी मिला है।
उन्होंने कहा कि पहले भी भाजपा सरकार विश्वास में थी, आज भी विश्वास में है और हरियाणा की जनता का विश्वास भी आज सरकार के साथ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मनोहर लाल का यह अहम जिम्मेदारी देने के लिए आभार व्यक्त किया।
विधानसभा में आखिरी भाषण देते हुए भावुक हुए मनोहर लाल
हरियाणा विधानसभा में आखिरी भाषण देते हुए पूर्व सीएम मनोहर लाल भावुक हो गए। उन्होंने सदन के सभी सदस्यों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उन्हें सदन का नेतृत्व करने का मौका लगभग साढ़े नौ साल पहले मिला था। लेकिन पहली बार जब वे मुख्यमंत्री बने थे तो उस समय विपक्ष के लोग कहते थे कि बतौर मुख्यमंत्री उन्हें कोई अनुभव नहीं है।
इस विषय को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप तो विधायक बन कर मुख्यमंत्री बने हैं, जबकि वे बिना विधायक मुख्यमंत्री बने थे, जिस प्रकार आज नायब सिंह मुख्यमंत्री बने हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ बातें तो जनता सिखा देगी, कुछ विधानसभा में विपक्ष के सदस्य सिखा देंगे। मनोहर लाल ने सदन के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं आपका आभारी हूं कि सबने मुझे तराशने का काम किया और मुझे इस स्तर पर लेकर आए।
मैंने हमेशा हरियाणा की जनता की सेवा को ही सर्वोपरि रखा और हरियाणा एक-हरियाणवी एक के मूलमंत्र पर चलते हुए तकनीक के सहारे सिस्टम में सुधार करते हुए नागरिकों को लाभ दिया। आज हमारी योजनाओं का अनुसरण बहुत से अन्य प्रदेश भी कर रहे हैं। इस सारी कार्यप्रणाली में योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन करने के लिए अधिकारियों का भी धन्यवाद किया।
करनाल ही रहेगी सीएम सिटी
मनोहर लाल ने कहा कि परिवर्तन जीवन का हिस्सा है और मोड़ आ जाएं, तो मुड़ना पड़ता है, इसे रास्ता बदलना नहीं कहते। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि हम न होंगे, कोई हम सा होगा, तो हमारे नायब सैनी जैसा होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले भी उपचुनाव हुए हैं। नई व्यवस्था तक उपचुनाव वाली विधानसभा की देखरेख की जिम्मेवारी उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए संभाली।
करनाल के लोगों ने मुझे दो बार भारी मतों से जीताकर विधानसभा में भेजा और आज वे करनाल विधानसभा से अपना त्यागपत्र देते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह करनाल विधानसभा की जिम्मेदारी संभालेंगे। संगठन जो भी जिम्मेदारी तय करेगा उसका और भी ज़िम्मेदारी से वे निर्वहन करेंगे।
मनोहर लाल ने त्याग पत्र की घोषणा की तो सैनी का चेहरा उतरा
पूर्व सीएम मनोहर लाल सदन में जब बोल रहे थे तो उनके साथ बैठे सीएम नायब सिंह सैनी के चेहरे पर खुशी के भाव थे, लेकिन जैसे ही मनोहर लाल ने इस्तीफे की घोषणा की तो सीएम नायब सिंह सैनी का चेहरा उतर गया। उन्हें इस बात का बिल्कुल अहसास नहीं था कि मनोहर लाल इस तरह की घोषणा कर सकते हैं।