हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा में ई-टेंडरिंग को लेकर चल रहे विरोध के बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायतों की शक्तियों को बढ़ाया है। पहले पंचायतों की शक्तियां समिति होती थीं लेकिन सरकार ने पंचायतों को और मजबूत किया है। अब सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद प्रस्ताव पारित करने के बाद कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति अपने आप देंगे, सरकार कुछ नहीं करेगी।
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले निदेशक और सचिव स्तर पर तक फाइलें जाती थीं और बड़े-बड़े कार्यों की स्वीकृति में ही अधिक समय लग जाता था। अब पंचायतों का जितना बजट निश्चित है, साल की शुरुआत में ही तय कर दिया जाएगा कि किस तिमाही में कितना–कितना पैसा भेजना है, उतना फंड लगातार भेजा जाएगा।
ई-टेंडरिंग में दिक्कत आई तो संशोधन के लिए तैयार: दुष्यंत
ई-टेंडरिंग के सवाल पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह प्रक्रिया किसी एक विभाग में नहीं, बल्कि सभी विभागों में है। राज्य सरकार ने सोमवार को सभी ग्राम पंचायतों के लिए फंड जारी कर दिया है। दुष्यंत चौटाला ने नवनिर्वाचित सरपंचों से आग्रह किया कि विकास के लिए सरपंचों के पास पहली बार फंड आया है, जिसका प्रयोग वे करें। इसलिए सरपंच नई प्रक्रिया के तहत फंड का प्रयोग करके देखें। दुष्यंत ने कहा कि इसके बाद भी अगर फंड का उपयोग नहीं होता है तो सरकार फंड बढ़ाने को तैयार है। अन्य विभागों में भी ई-टेंडरिंग में जो-जो समस्याएं सामने आईं, उनमें बदलाव किया गया है।