हरियाणा में एक के बाद एक गैंगरेप की छह घटनाओं और नाबालिगों की हत्याओं पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस में एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते ही भाजपा ने भी बिना समय गंवाए पलटवार किया है। साथ ही हुड्डा के दस साल के शासनकाल में गैंगरेप, हत्या, महिला उत्पीड़न और ऑनर किलिंग के मामलों की सूची भी जारी की है।
प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख राजीव जैन ने कहा है कि सरकार सभी मामलों में कड़ी कार्रवाई करेगी, आरोपियों को अधिकतम सजा दिलाई जाएगी। सरकार ठोस कदम उठाने तथा प्रभावी तंत्र विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे मामले समाज के अंदर विकृत हो रही मानसिकता को दर्शा रहे हैं। इसे सुधारने के लिए समाज को भी अपना दायित्व निभाने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर और कांग्रेस विधायक रणदीप सुरजेवाला पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस अपने दस साल के शासन के दौरान लिंगानुपात और महिला उत्पीड़न के खिलाफ प्रभावी कदम उठाती तो वर्तमान में समाज में ऐसे विकृत मानसिकता के लोग नहीं पनपते। हुड्डा को इस मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार भी नहीं है। हुड्डा के दूसरे कार्यकाल के तीन साल में अकेले करनाल में 3832 बच्चियां कोख में ही मारी गई थीं। महिला सूचकांक में देश के निचले राज्यों में हरियाणा शामिल था।
तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र के जिले के 10 गांवों में छह महीने में एक भी बेटी जन्म नहीं ले पाई। उन्होंने हुड्डा सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उनके समय में महिलाओं के शोषण एवं उत्पीड़न करने वालों को सरकार का संरक्षण मिलता था। हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते रोहतक में अपना घर कांड हुआ।