जहरीली शराब से 47 लोगों की मौत, लॉकडाउन के दौरान हुए शराब घोटाले और तस्करी के दोषियों पर कार्रवाई का फैसला मुख्य सचिव करेंगे। तीन अलग-अलग जांच समितियों की सिफारिशों का विश्लेषण करने का जिम्मा मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव विजय वर्धन को सौंपा है। मुख्य सचिव मामलों की जांच के लिए गठित एसईटी, एसआईटी और पुलिस विभाग की जांच समिति की सिफारिशों का जल्द विश्लेषण कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। साथ ही व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाई गई सिफारिशों को लागू करने के सुझाव भी देंगे।
सीएम ने कहा कि जहरीली शराब के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जांच समितियों का गठन किया था। इन समितियों ने अलग-अलग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप दी हैं। रिपोर्ट में शराब घोटाले, तस्करी और जहरीली शराब बनाने के मामलों में माफिया के साथ आबकारी विभाग, स्थानीय प्रशासन व पुलिस विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों का गठजोड़ सामने आया है।
मनोहर लाल ने कहा कि शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। यह बहुत गंभीर मामला है, निरंतर संबंधित कार्यालयों की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, कोरोना के समय लगे लॉकडाउन के दौरान शराब तस्करी और इससे जुड़े अन्य मामले सामने आए, तब भी सरकार ने दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
20 मई से लागू होगी नई आबकारी नीति
सीएम ने कहा कि शराब से जुड़े मामलों से प्रदेश सरकार को राजस्व में कोई नुकसान नहीं हुआ है। आबकारी नीति को 49 दिन आगे बढ़ाया गया है। चूंकि लॉकडाउन के 49 दिनों को जीरो पीरियड माना गया। नई आबकारी नीति 20 मई से लागू होगी। सभी हितधारकों के साथ बैठक कर यह निर्णय लिया गया है। पड़ोसी राज्य पंजाब में आबकारी नीति अक्तूबर से लागू होती है। हरियाणा में नई नीति मई से लागू कर 31 मार्च तक चलानी है या 19 मई तक ,यह निर्णय भविष्य में लिया जाएगा।