हरियाणा के नूंह में डीएसपी की निर्मम हत्या ने सरकार को हिला दिया है। घटना के तुरंत बाद पूरा सरकारी अमला सक्रिय हो गया है और जो निर्णय पहले किए जाने थे वे मंगलवार को एक साथ कर दिए गए। मुख्य सचिव ने डीसी और एसपी को कस दिया है। हालात यह हैं कि आवंटन के बावजूद अनेक पट्टे फरीदाबाद, सोहना और मेवात के अलावा प्रदेश में कई जगह खनन के लिए नहीं खोले गए हैं। खनन नीति में कोई बड़ा संशोधन न होना भी खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।
घटना के बाद मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बैठक बुलाकर जिलों के एसपी और डीसी को निर्देश दिया। आमतौर पर अवैध खनन से निपटने के लिए सरकार में ग्राम सचिवों और पटवारियों की मदद लेने की सोच रही है। मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अवैध खनन रोकने के लिए डीसी और एसपी को कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है। संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे कर्मचारी तैनात करने की योजना है। खनन विभाग के अधिकारियों को अवैध स्थलों का व्यक्तिगत रूप से दौरा कर मुख्य सचिव को रिपोर्ट भेजनी होगी। कार्ययोजना के धरातल पर सख्ती से लागू न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी को अब यह करना होगा
- अवैध खनन के संबंध में पहले से दर्ज मामलों में कार्रवाई को गति देनी होगी
- न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में ठोस पैरवी करनी पड़ेगी
- पुलिस गश्त बढ़ाने के लिए कदम उठाने होंगे
- जिला टास्क फोर्स की बैठक नियमित रूप से करनी होगी
माफिया को पनपने का पूरा मौका दिया: राकेश
अवैध खनन के खिलाफ हरियाणा में धरातल से लेकर हाईकोर्ट तक लड़ाई लड़ रहे सामाजिक कार्यकर्ता राकेश दलाल ने कहा कि खनन विभाग ने माफिया को पनपने का पूरा मौका दिया। बहुत सी खदान आवंटित करने के बावजूद नहीं खोली गईं। डाडम खदान में इतना बड़ा हादसा हुआ, भूगर्भ एवं खान मंत्री को मौके पर पहुंचने का समय नहीं मिला। मेवात में अवैध खनन क्षेत्र में पानी भरने से बच्चे की मौत हुई, मामला मानवाधिकार आयोग में है, उसके बाद भी विभाग नहीं जागा। अधिकारी राजस्थान की सामग्री रोको, ओवरलोडिंग के चालान काटो और अवैध होने दो की नीति पर काम कर रहे हैं।