निंदाना गांव की बुजुर्ग 84 वर्षीय चंद्रपति। पता चला कि कभी उनकी गोद में खेला मनोहर लाल अब प्रदेश का मुखिया बनेगा तो बूढ़ी आंखों में खट्टर का सारा बचपन उतर आया। चेहरे पर झुर्री तो कल जैसी थी, लेकिन उम्मीद और उमंग आज कुछ अलग ही।
गांव में जश्न के बीच चंद्रपति 50 साल पहले के दिन याद कर बताती हैं कि खट्टर के दादा भगवान दास का परिवार पाकिस्तान से यहां आया था। सादगी भरा परिवार खेती करता था।
चंद्रपति बताती हैं कि खट्टर की दादी अक्सर उनके साथ खेत में काम करने जाती और मां घर पर ही रहतीं। मनोहर यहां दो-तीन क्लास तक पढ़े भी, लेकिन काम के लिए वे यहां से बनियानी गांव जाकर बस गए। भगवान दास का छह बेटे-बेटियों का भरा पूरा परिवार था। हरबंस लाल खट्टर के घर मनोहर ने जन्म लिया।