जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी 2016 में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में वांछित पवन जसिया को सीबीआई ने उठा लिया है। पवन जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मालिक का काफी करीबी था। कार्रवाई की सूचना पाते ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता एसपी आवास पहुंचे। यहां एसपी ने कहा कि पवन जसिया को लेकर हुई कार्रवाई में रोहतक पुलिस का कोई लेना-देना नहीं है। सीबीआई के केस में पवन वांछित था। सीबीआई की तरफ से 30 जून को पंचकूला स्थित सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पांच हजार पेज की चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें 51 लोगों को आरोपी बनाया गया। जबकि 16 लोगों को भगौड़ा बताया गया।
इसमें पवन जसिया का नाम भी शामिल था। पुलिस विभाग के सूत्रों ने बताया कि मंगलवार दोपहर पवन जसिया जाट भवन के नजदीक अपने कार्यालय में बैठा था, जहां काले रंग के कपड़े पहने हुए एक अन्य युवक भी था। सीबीआई की टीम मौके पर पहुंची, साथ में पुलिस की कुछ गाड़ियां भी बताई गईं। पवन जसिया को हिरासत में लेकर साथ बैठे युवक से पूछताछ की। युवक ने बताया कि वे मिलकर कारोबार करते हैं। इस कारण ऑफिस में बैठा था। काले रंग के कपड़े पहने युवक के मोबाइल फोन ले लिए गए। इसके बाद टीम वहां से रवाना हो गई।
जाट नेता पहुंचे एसपी आवास, एसपी बोले, कार्रवाई से पुलिस का नहीं कोई संबंध
सीबीआई की कार्रवाई की सूचना पाते ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति के महासचिव कृष्णलाल हुड्डा, ओमप्रकाश हुड्डा, जिला अध्यक्ष जयबीर टिटौली और अन्य जाट समाज के लोग एसपी आवास पहुंचे और एसपी से मिलने की मांग की। एसपी ने कार्यालय में बातचीत के लिए बुलाया। जाट नेता कृष्णलाल हुड्डा ने बताया कि एसपी ने कहा कि पवन जसिया को लेकर हुई कार्रवाई में रोहतक पुलिस का कोई लेना-देना नहीं है। सीबीआई के केस में पवन वांछित था।
पवन के खिलाफ नहीं सबूत, चालान पेश करने के बाद क्यों उठाया सीबीआई ने
कार्रवाई से जाट नेताओं में आक्रोश है। जाट नेता कृष्ण लाल हुड्डा का कहना है कि बुधवार को जिला कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाई है, जिसमें मामले को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने आज तक कोई नोटिस तक नहीं दिया। जब सीबीआई ने चालान पेश कर दिया, तो यूं उठाकर ले जाने का क्या मतलब है। अब तक पवन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है।
सीबीआई के केस में पवन जसिया वांछित था। रोहतक पुलिस का कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है। सीबीआई स्थानीय पुलिस से सहयोग जरूर मांग सकती है। पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है। किसी को कानून हाथ लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
-जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी रोहतक
जब सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी, उसमें पवन का नाम है। अब मामला कोर्ट में चलता। यूं सीबीआई द्वारा पवन को उठाकर ले जाना उचित नहीं है। सरकार माहौल खराब कर रही है, ताकि जाट दोबारा सड़क पर आ जाएं। मामले को लेकर बुधवार को जसिया में रोहतक जिले की, जबकि गुरुवार को प्रदेश कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाई है। पूरी स्थिति की समीक्षा करके निर्णायक फैसला लिया जाएगा।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति
सीबीआई की चार्जशीट में 16 को दर्शाया गया है भगौड़ा
कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में सीबीआई द्वारा 30 जून को पंचकूला की स्पेशल कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के अंदर 16 लोगों को भगौड़ा दर्शाया हुआ है, जिसमें पवन जसिया के अलावा सोमबीर जसिया, रिसाल सिंह, प्रवीण राठी, अनिल, अमित लठपाल, योगेंद्र, सुमित, मनोज, देवेंद्र, उदयवीर, कमल, बिन्नू, गौरव, पवन उर्फ पोनिया, देवा व रविकांत को भगौड़ा बताया गया है।