हरियाणा की नगरपालिकाओं के कोर एरिया में अब मिक्स लैंड यूज की अनुमति होगी। मिक्स लैंंड यूज लागू होने पर नगरपालिकाओं के कोर एरिया में आवासीय के साथ ही वाणिज्यिक, संस्थागत और लघु-सूक्ष्म उद्योग इत्यादि गतिविधियां की जा सकेंगी। मंत्रिमंडल ने हरियाणा नगर निगम अधिनियमों में संशोधन कर नगरपालिकाओं के कोर एरिया यानि मुख्य क्षेत्र की परिभाषा शामिल कर दी है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में इस पर मुहर लगाई गई। संशोधन में कोर एरिया के बारे में विस्तार से समझाया गया है। नए नियमों के लागू होने से नगरपालिका सीमा क्षेत्र में बसे लोगोंं को बड़ा फायदा होगा। चूंकि, पचास साल पहले नियोजित या विकसित नगरपालिका की सीमा में शहरीकरण के कारण काफी निर्माण हुआ है, लेकिन समय की कमी के कारण भूमि उपयोग की पुनर्योजना नहीं बनाई जा सके। पुर्नसीमांकन के बाद नगरपालिकाओं में गांव का निर्मित क्षेत्र भी शामिल हुआ है, इसलिए कोर क्षेत्र की परिभाषा स्पष्ट करनी पड़ी।
कोर एरिया की परिभाषा शामिल करने के लिए हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 में संशोधन कर हरियाणा नगरपालिका (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2022 और हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 में संशोधन कर हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2022 के प्रारूप को स्वीकृति दी गई। इन संशोधन विधेयकों को पारित करने के लिए विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सदन पटल पर रखने की तैयारी है।
मिक्स लैंंड यूज लागू करने के लिए नियम बनाना और शुल्कों में वसूली इत्यादि को लेकर साफ निर्देश जरूरी हैं। सरकार भविष्य में किसी भी पचड़े से बचना चाहती है, इसलिए कोर एरिया को परिभाषित कर दिया गया है।
मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2016 में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब एकल पुरुष सरकारी कर्मचारी को भी दो साल की बाल देखभाल छुट्टी की अनुमति होगी।