हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी 10वीं में भी बेटियों ने मैदान मारा है। जिले के टॉप थ्री पर बेटियों का ही कब्जा है। जिले में श्री अद्वैत स्वरूप हीरापुरी परमज्ञान ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोट की छात्रा जिया ने 484 अंक हासिल कर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है। जेपी गुरुकुल हाईस्कूल पिंजौर की पलक शर्मा ने 477 अंक हासिल कर दूसरा स्थान हासिल किया है।
सिख गर्ल्स हाईस्कूल कालका की छात्रा महक और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पिंजौर की छात्रा अंशिका ने संयुक्त रूप से 476 अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। पंचकूला के जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक का कहना है कि इस बार शहर की छात्राओं ने शानदार अंक हासिल किए हैं। उनके अनुसार जिले से 4570 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें 2482 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इसके अलावा 679 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है। इसके अलावा 1409 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे हैं। जिले का रिजल्ट 54.31 फीसदी रहा है।
इंजीनियर बनने का है जिया का सपना
जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली श्री अद्वैत स्वरूप हीरापुरी परमज्ञान ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोट की छात्रा जिया का कहना है कि उन्होंने 96.8 फीसदी अंक हासिल किए हैं। वह इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए उन्होंने कक्षा के अलावा नियमित तीन घंटे रोजाना पढ़ाई की है।
परीक्षाओं के समय उन्होंने लगातार सात घंटे पढ़ाई की है। उन्होंने बताया कि स्कूल में अतिरिक्त कक्षाओं के दौरान नहीं आने वाले प्रश्नों को हल किया। उन्होंने कभी ट्यूशन नहीं लगाया है। इस दौरान अभिभावकों ने उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने बताया कि उनके पिता बलविंदर सिंह वेल्डिंग का काम करते हैं। मां आशा गृहिणी हैं। जिया ने बताया कि वह अपनी सफलता का श्रेय अध्यापकों और अभिभावकों को देती हैं।
डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं पलक
जेपी गुरुकुल हाईस्कूल की छात्रा पलक शर्मा ने बताया कि उन्होंने 95.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं। वह पढ़ाई कर डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा में पढ़ाए गए कोर्स को लगातार रिवीजन करने के बाद उन्होंने यह सफलता हासिल की है। परीक्षा के दौरान उन्होंने लगातार कक्षा के अलावा छह घंटे पढ़ाई की है।
उन्होंने बताया कि उनके पिता तरसेम शर्मा पेशे से वकील हैं। उनकी मां गीता शर्मा गृहिणी हैं। इसी स्कूल में उनके भाई और बहन भी पढ़ रहे हैं। मोबाइल के माध्यम से भी उन्होंने अपने सवाल पूरे किए हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के तनाव से बचने के लिए वह बैडमिंटन खेलती थीं। इसके अलावा उन्हें किताबें पढ़ने का शौक है।
इंजीनियर बनना चाहती है महक
सिख गर्ल्स हाईस्कूल कालका की छात्रा महक ने 95.2 फीसदी अंक हासिल कर जिले में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। उनका कहना है कि वह इंजीनियर बनना चाहती हैं। इस सफलता को प्राप्त करने के लिए उन्होंने लगातार कक्षा में पढ़ाई के बाद सेल्फ स्टडी की है। इस कारण उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है। उन्होंने बताया कि अगर पढ़ाई के दौरान किसी प्रकार की समस्या होती थी तो अतिरिक्त कक्षाओं में टीचर पढ़ाकर उसे पूरा करवाते थे। उन्होंने बताया कि उनके पिता प्रेमसागर टाइल्स कंपनी में काम करते हैं। उनकी मां रजनी बाला गृहिणी हैं। वह रात के समय पढ़ाई करती थीं।
डाटा एनालिस्ट बनना चाहती हैं अंशिका
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पिंजौर की छात्रा अंशिका ने बताया कि उन्होंने 95.2 फीसदी अंक हासिल कर जिले में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। वह नॉन मेडिकल की पढ़ाई कर डाटा एनालिस्ट बनना चाहती हैं। अंशिका का चयन सुपर-100 में हो चुका है। अंशिका के पिता सुरेंदर कुमार पिंजौर में ही विश्वकर्मा कॉलोनी में दुकान चलाते हैं, मां खाना बनाने का काम करती हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्या अलका का कहना है कि अंशिका एक टैलेंटेड छात्रा है। अच्छे अंक लाने के बाद विद्यालय के टीचर्स और विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है।