हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज और शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई।
मामले की शुरुआत विज द्वारा सदन के नेता मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडडा पर की गई टिप्पणी से हुई।
विज ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र जारी होने के बावजूद सदन से बाहर घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री को चैलेंज करते हैं।
मुख्यमंत्री ने सदन की मर्यादा भंग की है। चैलेंज शब्द पर आपत्ति जताते हुए शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने विज से कहा कि वे इस तरह से सदन के नेता को चैलेंज नहीं कर सकते।
भुक्कल ने सदन में कहा कि विज ने मर्यादा तोड़ी है। इस बात पर विज भी भड़क गए और उन्होंने यहां तक कह दिया कि भुक्कल को सदन की एबीसीडी नहीं पता है।
विज की इस टिप्पणी ने सदन में तूल पकड़ लिया और कांग्रेस की महिला विधायकों ने भी अनिल विज की टिप्पणी का विरोध किया।
स्पीकर ने सभी को शांत करने का प्रयास किया लेकिन गीता भुक्कल इस बात पर अड़ गईं कि अनिल विज से कान पकड़ कर यहीं माफी मंगवाई जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि विज ने एक महिला सदस्य का अपमान किया है। भुक्कल ने कहा कि जब तक वे विज से एबीसीडी नहीं पढ़वा लेंगी तब तक नहीं बैठेंगी।
विज ने कहा कि सदन का अपमान गीता भुक्कल ने किया है। इसी बीच मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हस्तक्षेप करते हुए किहा कि यदि किसी ने ऐसा कहा तो यह गलत है। सदन सर्वोपरि है।
उन्होंने अनिल विज से माफी मांगने के लिए कहा। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष इस संदर्भ में प्रस्ताव पेश किया। जिसके बाद स्पीकर ने विज की डांट लगाई और उन्हें सदन से निलंबित कर दिया।